गाजियाबाद। मोबाइल फोन पर एक मिनट की रील देखकर लोग अब टीबी के लक्षण पहचानने और समय पर जांच कराने के लिए जागरूक होंगे। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यम का सहारा लेने की तैयारी की है। इसके तहत युवा और आम नागरिकों से टीबी के लक्षण, बचाव और इलाज की जानकारी देने वाली एक मिनट की रील बनवाई जाएंगी। इन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। विशेष अभियान 30 सितंबर तक चलेगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल यादव ने बताया कि रील में बताया जाएगा कि दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना, बुखार, रात में पसीना आना, वजन कम होना और भूख कम लगना टीबी के संभावित लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने और चिकित्सक की सलाह के अनुसार पूरा इलाज लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विभाग स्कूल-कॉलेजों और आम लोगों से संपर्क कर रील तैयार करवाएगा। इसके लिए लिंक जारी किया जाएगा, जिस पर रील अपलोड की जा सकेगी। शासन ने जिले को 100 रील तैयार कराने का लक्ष्य दिया है।
निशुल्क जांच और उपचार की है व्यवस्था
क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की निशुल्क जांच और उपचार किया जा रहा है। इसके साथ ही निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार के दौरान मरीजों को पौष्टिक आहार के लिए हर माह एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। विभाग का प्रयास है कि मरीज नियमित रूप से दवा लेने के साथ पर्याप्त पोषण भी प्राप्त करें। डॉ. अनिल ने बताया कि टीबी को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य बीमारी समझ लेते हैं। इससे जांच और इलाज में देरी हो जाती है। ऐसे में पारंपरिक जागरूकता कार्यक्रमों के साथ डिजिटल मंच का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अन्य योजनाओं की जानकारी भी रील से
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन वैश्य ने बताया कि अभियान में टीबी के साथ अन्य विभागीय योजनाओं को लेकर भी रील तैयार कराई जाएंगी। डिजिटल माध्यम से योजनाओं की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाने और पात्र लोगों को उनका लाभ दिलाने के लिए डिजिटल सेवा का विस्तार किया जाएगा।