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संवाद न्यूज एजेंसी
साहिबाबाद। वसुंधरा से लगी हुई प्रह्लादगढ़ी गांव, जो अब नगर निगम में है यहां के लोग आज तक भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। गांव की जमीन पर आवास विकास परिषद ने कॉलोनी तो बसा दी लेकिन यहां की स्थिति नगर निगम में आने के बाद भी नहीं सुधरी। आज भी प्रह्लादगढ़ी के लोग पार्क, स्कूल, नियमित पेयजल आपूर्ति, सीवर और साफ-सफाई जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
गलियों में जगह-जगह कूड़ा जमा होने और जलनिकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सुविधाओं के अभाव में रोजमर्रा के कार्याें के लिए भी जूझना पड़ रहा है। स्थानीय निवासी हरेंद्र जाटव ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति नियमित नहीं है। नगर निगम से कभी-कभी एक समय पानी मिलता है। मजबूरी में बाजार से पानी खरीदना पड़ता है। उनकी मांग है कि पानी की आपूर्ति का समय निर्धारित किया जाए, ताकि निवासियों को राहत मिल सके। वहीं, जब बिजली नहीं होती या पानी नहीं आता है तो लोग गली के सरकारी हैंडपंप से पानी भर लेते थे, लेकिन काफी समय से वह भी खराब है।
निवासी संदीप ने बताया कि गलियों में नियमित सफाई नहीं होने से कूड़ा जमा रहता है। निगम के कर्मचारी गली में कभी भी सफाई करने नहीं आते हैं। बारिश के दौरान जलनिकासी की व्यवस्था ठीक नहीं होने पर रास्तों पर पानी भर जाता है। इससे पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को परेशानी होती है।
निवासी प्रिंस जाटव ने बताया कि गांव में एक ही प्राथमिक स्कूल है। इसके आगे की पढ़ाई करने बच्चे कहां जाएं। स्कूल की सुविधा के अभाव में अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई के लिए दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। लोगों का कहना है कि बढ़ती आबादी के हिसाब से शैक्षिक और मनोरंजन संबंधी सुविधाओं का विकास होना चाहिए।
वहीं स्थानीय निवासी प्रेमपाल ने बताया कि सीवर और नालियों से जुड़ी समस्याओं के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। इस दौरान करन, चांद मौहम्मद, पप्पू, संजय और सीटू समेत अन्य निवासी मौजूद रहे।