विशाखापत्तनम से लोहा लेकर मालगाड़ी नई दिल्ली पहुंची थी। यहां इसको गाजियाबाद आना था। सवेरे नौ बजे जब मालगाड़ी साहिबाबाद स्टेशन से कुछ पहले पहुंची तो मालगाड़ी तेज आवाज के साथ बंद हो गई। तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर देखा तो कपलिंग टूटी हुई थी, उसको दो चक्के पटरी से उतरे हुए थे।
नई दिल्ली से गाजियाबाद की तरफ लोहा लेकर आ रही मालगाड़ी सोमवार को सवेरे करीब 9 बजे साहिबाबाद रेलवे स्टेशन से कुछ पहले बेपटरी हो गई। कपलिंग टूटने की वजह से ट्रेन के दो चक्के ट्रैक से उतरे। दुर्घटना के बाद सवेरे नौ बजे से लेकर शाम पांच बजे मालगाड़ी मेन लाइन पर खड़ी रही। पीछे से आने वाली ट्रेनों को डायवर्ट कर निकाला गया।
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विशाखापत्तनम से लोहा लेकर मालगाड़ी नई दिल्ली पहुंची थी। यहां इसको गाजियाबाद आना था। सवेरे नौ बजे जब मालगाड़ी साहिबाबाद स्टेशन से कुछ पहले पहुंची तो मालगाड़ी तेज आवाज के साथ बंद हो गई। तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर देखा तो कपलिंग टूटी हुई थी, उसको दो चक्के पटरी से उतरे हुए थे। ट्रैक को भी काफी नुकसान पहुंचा। इसकी सूचना मिलते ही मौके पर आरपीएफ, जीआरपी के अलावा रेलवे का स्थानीय अमला भी पहुंच गया। ट्रेन में माल लदा होने की वजह से तकनीकी टीम को मालगा़डी को पटरी पर लाने में सात घंटे से भी अधिक का समय लगा। रेलवे कर्मियों ने ट्रैक को भी दुरूस्त किया। पांच बजे के बाद माल वाहक को आगे के लिए रवाना किया गया।
उधर, मुख्यालय से इस दुर्घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच टीम ने लोको पायलट, सहायक और अन्य स्टाफ के बयान दर्ज किए। इस बारे में सीओ जीआरपी सुदेश गुप्ता ने बताया कि दुर्घटना से कोई ट्रेन प्रभावित नहीं रही।