फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: पुराने नोट बदलने के बहाने ठगी का गिरोह चला रहा था पूर्व फाइनेंस कर्मी

विज्ञापन
विज्ञापन
साहिबाबाद। पुराने नोट बदलवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना अभिनव उर्फ राहुल बुद्धिराजा को शालीमार गार्डन पुलिस ने दिल्ली के तिलक नगर से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन

इसके साथ ही आंबेडकर नगर के जैनुद्दीनपुर निवासी एसके उर्फ शारिक व दो अन्य फखरुद्दीन और नसरुद्दीन को भी गिरफ्तारी हुई है।
आरोपी पुराने नोट बदलवाने वालों की तलाश करते थे। उनसे संपर्क कर 25 प्रतिशत कमीशन के रूप में एडवांस में ले लेते थे। इसके बाद पुराने नोट लेकर चले जाते थे पर नए नोट लौटाते नहीं थे। गिरोह का सरगना अभिनव पूर्व फाइनेंस कंपनी कर्मी और एनजीओ संचालक है। शनिवार को गिरफ्तार किए गए चार लोगों के साथ ही अब तक पकड़े जा चुके आरोपियों की संख्या आठ हो चुकी है।
एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एसके नोट बंदी के दौरान दिल्ली में नोट बदलवाने का काम करता था। 31 अक्तूबर को आरोपियों से बरामद 3.85 करोड़ के पुराने नोट भी उसी के पास जाने थे। वहीं इन नोटों को ठिकाने लगाता। गिरोह के सरगना अभिनव ने पूछताछ में बताया कि वह पूर्व में फाइनेंस कंपनी में नौकरी कर चुका था और एक एनजीओ भी चलाता था।
विज्ञापन

एनजीओ के जरिए ही लोग पुराने नोट बदलवाने के लिए उससे संपर्क करते थे। पूछताछ के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया और यहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। नोटबंदी के कुछ समय बाद तक गैंग ने कुछ लोगों के नोट बदलवाए भी थे। यही वजह थी कि लोगों को भरोसा हो जाता था।
बाद में सख्ती के चलते जब नोट नहीं बदले गए तब आरोपियों ने ठगी का काम शुरू कर दिया। कुछ दिन बाद एनजीओ भी बंद हो गया। तब गिरोह के सरगना ने टेलिग्राम, इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर अपना काम जारी रखा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें