फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: घर बैठे काम का झांसा देकर 9.65 लाख ठगे

विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। साइबर ठगों ने शालीमार गार्डन क्षेत्र में रहने वाले सुभाष चंद शर्मा को ऑनलाइन रिव्यू व रेटिंग के टास्क पूरे करने पर अच्छी कमाई का झांसा देकर 9.65 लाख रुपये की ठगी कर ली।
विज्ञापन

ठगों ने शुरुआत में टास्क पूरे करने पर कुछ रकम देकर भरोसा जीता। इसके बाद क्रिप्टो के टास्क के नाम पर रकम निवेश कराकर ठगी की। बाद में रकम वापस नहीं मिलने पर ठगी का अहसास हुआ तो मामले में पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज कराया है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित सुभाष चंद शर्मा के मुताबिक 22 मार्च को उनके पास सुभी रानी की टेलीग्राम आईडी से मैसेज आया। इसमें पार्ट टाइम व वर्क फ्रॉम होम का ऑनलाइन वर्क की बात थी।
विज्ञापन

उन्होंने बातचीत कर काम पूछा तो गूगल रिव्यू रेटिंग का काम बताया गया। इसके बाद उनकी बातचीत वेदिका से कराई गई। उन्हें कुछ टास्क दिए गए और पूरे करने पर 160 रुपये, 100 रुपये उनके खाते में आए। इसके बाद क्रिप्टो के टास्क जरूरी बताकर उनसे 1046 रुपये निवेश कराकर टास्क दिए।
उसे पूरा करने पर 1465 रुपये उन्हें वापस दिए गए। इसके बाद 3156 रुपये डलवाए और बताया कि टोटल 24 टास्क पूरे करने पर आप रेगुलर एम्प्लाई बन जाओगे। इसके बाद उनकी बात विक्रम से कराई। इसके बाद उनसे कभी क्रिप्टो के गलत अकाउंट में पैसे ट्रांसफर होने तो कभी पैसा अनफ्रीज करने के लिए व क्रेडिट स्कोर कम होने जैसे झांसा देकर रुपये अलग-अलग अकाउंट में ट्रांसफर कराते रहे। इसके बाद उनकी बात रवि अरोरा से कराई।
उससे रुपये वापस लेने की बात हुई। बातचीत के बाद उन्हें पांच हजार रुपये मिल गए, लेकिन बाद में गलत अमाउंट भरने की वजह से अमाउंट फ्रीज हो गए। इसके बाद अकाउंट एक्टिवेट करने के लिए 29 प्रतिशत रकम जमा करने के लिए कहा। ऐसा करके उनसे 9,65,852 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। बाद में रुपये निकालने का प्रोसेस हुआ तो उनसे 30 प्रतिशत टैक्स के रूप में रकम जमा करने के लिए कहा। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ।
सुभाष चंद शर्मा का कहना है कि उन्होंने उधार व लोन लेकर सारा पैसा लगा दिया। शातिरों ने 22 मार्च से 26 अप्रैल तक ठगी की। मामले में उनकी शिकायत पर छह जून को केस दर्ज किया गया है। एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर से आरोपियों को खोजा जा रहा है। मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें