धनुषाकार भारी पुल को रोलर की मदद से खिसकाकर स्थापित किया गया। एनसीआरटीसी ने इससे पहले वसुंधरा के पास रेलवे की मुख्य लाइन के ऊपर 850 टन वजनी पुल को 10 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया था।
रैपिड रेल के दुहाई से लेकर मेरठ के बीच दूसरे खंड में एनसीआरटीसी ने एक और उपलब्धि हासिल की है। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे के ऊपर से गुजरने वाले 875 टन वजनी धनुषाकार पुल को गुरुवार को सफलता पूर्वक स्थापित किया गया। इंजीनियरों की टीम ने 16 मीटर की ऊंचाई पर 73 मीटर लंबे स्टील के भारी पुल को लॉन्च करने में सफलता प्राप्त की। निर्माण संबंधी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब अगले सप्ताह से पुल पर ट्रैक बिछाने और बिजली की लाइन का काम शुरू होगा।
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धनुषाकार भारी पुल को रोलर की मदद से खिसकाकर स्थापित किया गया। एनसीआरटीसी ने इससे पहले वसुंधरा के पास रेलवे की मुख्य लाइन के ऊपर 850 टन वजनी पुल को 10 मीटर की ऊंचाई पर स्थापित किया गया था। प्राथमिकता खंड में मेरठ रोड तिराहे पर दो खंभों के बीच 150 मीटर लंबा और 3200 टन वजनी धनुषाकार पुल के निर्माण का कार्य तेज गति से जारी है। कॉरिडोर का सबसे वजनी पुल सबसे नीचे जीटी रोड, फिर फ्लाईओवर, फिर मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरेगा। सीपीआरओ पुनीत वत्स ने बताया कि रैपिड रेल कॉरिडोर का दूसरा 850 टन वजनी धनुषाकार पुल बनकर तैयार हो गया है।