एलिवेटेड रोड पर फर्राटा भरने को जल्द खत्म होगा इंतजार
गाजियाबाद। एलिवेटेड रोड पर फर्राटा भरने का शहरवासियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। पर्यावरण मंत्रालय इसकी एनओसी पर इसी सप्ताह फैसला ले सकता है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि दो-तीन दिनों में स्थिति साफ हो जाएगी है, क्योंकि माह के तीसरे सप्ताह में यानी 21 फरवरी को एलिवेटेड रोड के मामले पर एनजीटी में सुनवाई होनी है। इससे पहले मंत्रालय को अपनी स्थिति साफ करनी होगी। एनओसी मिलते ही रोड शुरू हो जाएगी।
एनओसी के बाबत जीडीए अधिकारी पर्यावरण मंत्रालय के संपर्क में हैं। इस रोड को खोलने से पहले एनजीटी के आदेश पर शासन ने जीडीए को पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि एलिवेटेड रोड पर कड़कड़ मॉडल गांव निवासी सुशील राघव ने याचिका दायर की थी। उन्होंने बर्ड सेंचुरी और झील की जमीन पर रोड के निर्माण का मुद्दा उठाया था, जिस पर एनजीटी ने जीडीए को छह माह के भीतर पर्यावरण मंत्रालय से एनओसी लेने के आदेश दिया था। दिसंबर 2017 में जीडीए ने पर्यावरण मंत्रालय में आवेदन किया। उसके बाद से मामला केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय में लंबित है।
10.30 किमी लंबी इस रोड से मिलेगी बड़ी राहत
यूपी गेट से राजनगर एक्सटेंशन तक बनी 10.30 किमी की एलिवेटेड रोड से शहरवासियों को जाम से निजात मिलेगी। साथ ही दिल्ली जाना आसान हो जाएगा। 1248 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर चौपहिया वाहनों के लिए 80 किमी व दोपहिया वाहनों की गति सीमा अधिकतम 60 किमी प्रति घंटा तय करने की तैयारी है। इस रोड की भार की क्षमता 100 टन है, जबकि इसे तीन गुना भार डालकर परखा जा चुका है।