गाजियाबाद (ब्यूरो)। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए शहर के लोग अब सुझाव देने में दिलचस्पी दिखाने लगे हैं। अब तक 71068 लोग अब तक सुझाव दे चुके हैं। इस मामले में अब गाजियाबाद के लोग बरेली, कानपुर, इलाहाबाद, रामपुर और मेरठ जैसे शहरों को पीछे छोड़ चुके हैं। हालांकि अलीगढ़ और सहारनपुर से गाजियाबाद अभी भी पीछे है।
अब 25 जून तक ऑनलाइन सुझाव लिए जाएंगे। उधर, कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट अब केंद्र सरकार को भेजने के लिए स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करने में जुट गए हैं। केंद्र सरकार स्मार्ट सिटी मिशन में ज्यादा से ज्यादा जनता की सहभागिता चाहती है।
यही वजह है कि कंसलटेंट फर्म और नोडल विभाग नियुक्त करने के बावजूद सरकार ने इसमें जन सुझावों को खास महत्व दिया है। स्मार्ट सिटी के दावेदार शहरों की मार्किंग पर जनसुझावों की संख्या भी असर डालेगी।
गाजियाबाद के लोगों ने शुरूआती दौर में सुझाव देने से दूरी बनाए रखी, लेकिन निगम ने प्राइवेट फर्म हायर कर फार्म भरवाकर भी जनता से सुझाव लिए और ऑनलाइन भी। इसके लिए पहले 15 जून अंतिम तारीख तय की गई थी, बाद में इसे बढ़ाकर 25 जून कर दिया गया।
ऐसे में अब ऑनलाइन मिलने वाले सुझाव की संख्या 71068 पहुंच गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक 25 जून तक इनकी संख्या 90 हजार तक पहुंचने की उम्मीद है। नगर आयुक्त अब्दुल समद ने बताया कि अब कंसलटेंट फर्म ने स्मार्ट सिटी प्रपोजल ड्राफ्टिंग का काम शुरू कर दिया है।
एक बार फर्म बनाकर प्रेजेंटेशन कर चुकी है, उसमें कई संशोधन किए गए हैं। कंसलटेंट फर्म अब स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाकर शासन को भेजेगी। वहां से मुहर लगने के बाद केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। नगर आयुक्त का कहना है कि इस बार बेहतर प्रपोजल तैयार किया जाएगा, ताकि स्मार्ट सिटी सूची में गाजियाबाद का नाम शामिल हो सके।