गाजियाबाद। नगर निगम की ओर से इंदिरापुरम में बनाए गए टर्शरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (टीएसटीपी) से साहिबाबाद की साइट संख्या चार की 700 औद्योगिक इकाइयों को पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए भू गर्भ जल प्रबंधन परिषद बोरवेल के माध्यम से जल का दोहन कर रही इकाइयों को नोटिस भेजेगा। ताकि बोरवेल से इन औद्योगिक इकाइयों की निर्भरता दूर की जा सके। टीटीपी से इन औद्योगिक इकाइयों को अनुबंध कराना अनिवार्य होगा।
नगर निगम की ओर से करोड़ो रुपये की लागत से इंदिरापुरम में टीएसटीपी प्लांट का निर्माण किया गया है। प्लांट का उद्घाटन अप्रैल में होना निर्धारित हुआ है। इसके बाद से प्लांट के माध्यम से ही साहिबाबाद की करीब 700 इकाइयों को जल की आपूर्ति की जाएगी। इस जल की आपूर्ति सिर्फ औद्योगिक कार्यों के उपयोग के लिए ही की जाएगी। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में सर्वाधिक इकाइयां डाइंग और प्रिंटिंग की है। इनमें से कठोर कार्यवाही के बाद से अधिकतम को तो शहर से बाहर शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बावजूद जल का दोहन अब तक कम नहीं हुआ है। जल के दोहन को कम करने के लिए टीएसटीपी प्लांट पर औद्योगिक इकाइयों को निर्भर बनाया जाएगा। साथ ही जलापूर्ति के लिए बोरवेल के इस्तेमाल पर पूरी तरह से भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद प्रतिबंध लगाएगा। टीएसटीपी के संचालन से औद्योगिक क्षेत्र में भूजल दोहन की समस्याा खत्म हो जाएगी।
-करोड़ों लीटर पानी की होगी बचत-
औद्योगिक इकाइयों की निर्भरता टीएसटीपी प्लांट पर होने से भूजल का दोहन बहुत कम हो जाएगा। 2017 के बाद से लगातार गिर रहे भूजल के स्तर में रुकावट आएगी। अब तक सभी औद्योगिक इकाइयां बोरवेल के माध्यम से जल का दोहन कर रही हैं। इसके बाद से बोरवेल इस्तेमाल करने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद की नोडल अधिकारी सृष्टि जायसवाल ने बताया कि करीब 700 इकाइयों को अभी शुरुआत में जलापूर्ति की जाएगी। इसकी क्षमता बढ़ाई भी जा सकेगी। औद्योगिक इकाइयों को 45 रुपये प्रति लीटर की दर से जल की आपूर्ति की जाएगी।