फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराध बर्दाश्त नहीं करेंगे : डीजीपी

विज्ञापन
विज्ञापन
अपराध बर्दाश्त नहीं करेंगे : डीजीपी
विज्ञापन

बुलंदशहर। डीजीपी ओपी सिंह ने रविवार को बुलंदशहर पुलिस लाइन परिसर में नवनिर्मित आधुनिक अपराध शाखा की बिल्डिंग का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस किसी भी हाल में अपराध बर्दाश्त नहीं करेगी। दाऊद प्रकरण पर उन्होंने कहा कि बेशक दाऊद के गुर्गों को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है, लेकिन यूपी पुलिस लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। डी-कंपनी से संबंधित मिले इनपुट पर काम किया जा रहा है, आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हाल ही में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बुलंदशहर से दाऊद इब्राहिम के तीन गुर्गों को दबोचा था। जांच के मुताबिक यूपी शिया वक्फ बोर्ड क चेयरमैन ने जनवरी में खुद को मिल रही धमकियों के संबंध में लखनऊ मे रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन, दिल्ली पुलिस ने धमकी देने वाले दाऊद के गुर्गोें को गिरफ्तार कर यूपी पुलिस की किरकिरी कर दी। मामले में जब डीजीपी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस लगातार दिल्ली पुलिस के संपर्क में है। डी-कंपनी से संबंधित कुछ इनपुट मिला है, उन पर जांच की जा रही है। आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। जब उनसे इनपुट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। यही नहीं उन्होंने यूपी पुलिस की पीठ थपथपाते और नाकामी छिपाते हुए बीते दिनों यूपी एटीएस द्वारा आतंकवादियों को फंडिंग करने वाले 11 लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का हवाला भी दिया।
विज्ञापन

पुलिस को बनाया जा रहा गतिशील
प्रेस वार्ता के दौरान डीजीपी ने कहा कि जनता में पुलिस का विश्वास पैदा करने के लिए पुलिस को गतिशील बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में पुलिस मुठभेड़ के दौरान 48 बदमाश ढेर किए जा चुके हैं। साथ ही तीन हजार से अधिक बदमाशों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिनमें से करीब 1700 से ज्यादा बदमाश इनामी थे।
यही नहीं पुलिस के खौफ के चलते करीब सात हजार बदमाश प्रदेश भर में अपनी जमानत तुड़वाकर जेल जा चुके हैं। गैंगस्टर में निरुद्ध मामलों में करोड़ों की संपत्ति को जब्त किया जा चुका है। अब उत्तर प्रदेश पुलिस फ्रंट पर लीड कर रही है।
विज्ञापन

मीडिया की ओर से उन्नाव कांड पर पूछे गए सवाल पर जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश पुलिस और सरकार की रिकमंडेसन के बाद ही सीबीआई को मामले की जांच सौंपी गई है। दलित युवती से दुष्कर्म और संदिग्ध परिस्थितियों में उसके पिता की जेल में मौत का मामला गंभीर है। लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर गाज गिरी है। फिलहाल सीबीआई मामले की जांच में जुटी है। सीबीआई जांच में यदि एसएसपी दोषी पाए जाते हैं तो उनके के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें