मोदीनगर। हापुड़ मार्ग स्थित नगर की पाॅश काॅलोनी समीर विहार में 47 हरे पेड़ काट दिए गए। इनकी लकड़ी को वाहनों में लादकर ले जाया गया और अवशेष को जला दिया गया। इतना सब कुछ होता रहा और वन विभाग के अफसरों का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं हो पाई। दो दिन पहले के इस मामले में अफसर हरकत में तब आए जब अवशेष जलाए जाने के बाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वन विभाग के दरोगा संजीव कुमार की ओर से रविवार को मोदीनगर थाने में तहरीर दी गई। इस पर पुलिस ने मोदी रबड़ फैक्टरी के एस्टेट मैनेजर राजकुमार बहल निवासी पल्लवपुरम, मेरठ और लखविंदर सिंह उर्फ आशु चौधरी जूनियर एस्टेट मैनेजर निवासी मोदीपोन कॉलोनी, मोदीनगर के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। हालांकि, कार्रवाई के नाम पर देर रात तक किसी आरोपी से पूछताछ तक नहीं की गई।
दूसरी ओर, वन दरोगा ने मौके पर जाकर जांच-पड़ताल की। वहां पेड़ों के जलाए गए अवशेष की राख पड़ी थी। काटे गए पेड़ों की गिनती की गई तो संख्या 47 निकली। इनमें पीपल के 30, नीम के सात, बरगद के दो और आठ अन्य पेड़ थे। सभी पेड़ काॅलोनी के क्लब के पास की जगह पर लगे थे। कुछ पेड़ों के अवशेष बचे रह गए हैं। एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू करा दी गई है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मिलीभगत के बिना संभव नहीं
(सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया)
वायरल वीडियो पर लोग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। सतीश कुमार ने लिखा है, प्रशासन की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं है। संदीप भसीन ने टिप्पणी की, सिस्टम से कोई पंगा नहीं लेगा। मनीष कुमार ने लिखा, यह क्षमा योग्य नहीं है। कुमार अशोक ने प्रतिक्रिया दी, पेड़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। गौरव चौहान ने लिखा, बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण, ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।