गाजियाबाद। साइबर ठगों ने इंदिरापुरम क्षेत्र की आशियाना उपवन सोसायटी में रहने वाले पुष्पेंद्र सिंह को ई-मेल कर देश की पूंजी बाजार कंपनियों में शुमार धनी स्टॉक्स लि से जुड़ने का निमंत्रण दिया। निमंत्रण स्वीकार करने पर उन्होंने धनी ग्रुप नाम जैसा ही मोबाइल एप गूगल स्टोर प्ले से इंस्टाल कराकर निवेश कराया। साइबर ठगों ने पुष्पेंद्र सिंह ने 45.45 लाख रुपये की ठगी कर ली।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि इंदिरापुरम के अहिंसा खंड निवासी पुष्पेंद्र को 17 फरवरी को ए 604 धनी ग्रोथ क्लब नामक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में 111 सदस्य और दो एडमिन थे। ठगों ने खुद को धनी स्टाक्स लिमिटेड से जुड़ा हुआ बताया। ग्रुप में रोजाना शेयर ट्रेडिंग टिप्स दिए जाते थे। इसके बाद पीड़ित को लिंक भेजकर एप डाउनलोड कराकर निवेश कराया गया। पीड़ित ने अपनी पत्नी एकता के नाम पर निवेश शुरू किया। अलग-अलग 10 बैंक खातों में पीड़ित ने 45.45 लाख रुपये निवेश किए। इसके बाद भी साइबर ठगों ने महंगे आईपीओ खरीदने और मोटा मुनाफा कमाने का लगातार दबाव बनाते रहे। पुष्पेंद्र सिंह ने इससे अधिक निवेश करने में असमर्थता दिखाई। इसके बाद 17 अप्रैल को उन्हें एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें दावा किया गया कि उनके नाम पर 20 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ है। यह राशि सीधे उनके ट्रेडिंग एप खाते में जोड़ी गई। हालांकि वास्तव में यह धनराशि उन्हें प्राप्त नहीं हुई। पुष्पेंद्र सिंह को एप की बाबत शंका हुई तो उन्होंने सेबी में पंजीकरण संख्या की मांग की। साइबर ठगों ने उन्हें नकली नंबर मुहैया करा दिया। पीड़ित ने डी-मैट खाते से रुपये निकालने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। पुष्पेंद्र सिंह ने निवेश और लाभ की धनराशि न निकलने की शिकायत साइबर ठगों से की। आरोप है कि ठगों ने धनराशि निकालने की एवज में 20.30 लाख रुपये अतिरिक्त जमा करने का दबाव बनाया। विरोध करने पर मोबाइल एप निष्क्रय कर दिया गया। बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर थाने में बीएनएस के अंतर्गत धोखाधड़ी की धारा 318(4) और कम्प्यूटर संसाधनों से धनराशि ट्रांसफर करने की धारा 66डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
टेलीग्राम टास्क के जरिये 5.82 लाख रुपये ठगे
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के थाना साहिबाबाद सत्यम एन्क्लेव निवासी सत्यम कुमार ने साइबर ठगों ने 5.82 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित के अनुसार उनके मोबाइल पर एक लिंक भेजा गया और टेलीग्राम टास्क पूरे करने पर 50 प्रतिशत आय होने का झांसा दिया गया। पीड़ित ने निवेश किया और डीमैट खाते में 50 प्रतिशत का लाभ देखकर अलग-अलग बैंक खातों में धनराशि भेजी। साइबर ठगों ने कभी खाता फ्रीज होने का भय दिखाकर तो कभी लक्ष्य पूर्ण न होने और खाता सुचारु रखने के लिए ढाई लाख रुपये जमा करने आदि का झांसा देकर पांच लाख 82 हजार 500 रुपये ठग लिए। इसके साथ ही क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के नाम पर पैसों की मांग की। पीड़ित ने परेशान होकर साइबर थाने में साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।