गाजियाबाद। शहर के 26 इलाकों में लोग जो पानी पी रहे हैं, वह सेहत के लिए हानिकारक है। स्वास्थ्य विभाग एवं नगर-निगम के संयुक्त अभियान में सिद्धार्थ विहार, गोविंदपुरम और स्वर्णजयंतीपुरम से 40 से अधिक जगहों से पानी के सैंपल लिए गए थे, जिसमें से 26 जगहों के सैंपल फेल पाए गए हैं।
शहर में लगातार पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं और लगातार नमूने फेल आ रहे हैं। इसके बावजूद नगर-निगम जागरूक नहीं दिख रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल में लिए गए पानी के सैंपल में अधिकतर जगहों पर पानी में क्लोरिनेश शून्य पाया गया।
कई जगहों पर पानी की लाइन भी जगह-जगह टूटी होने की रिपोर्ट मिल रही है। संयुक्त अभियान में सिद्धार्थ विहार, मंडी परिषद गोविंदपुरम व स्वर्णजयंती पुरम के 40 घरों से पानी के नमूने लिए थे।
जांच के बाद इनमें से 26 नमूने फेल आए हैं। सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल का कहना है कि आवश्यक कार्रवाई के लिए पूरी रिपोर्ट प्रशासन व नगर निगम को भेज दी गई है। जलकल विभाग को भी इसकी एक कापी भेजी गई है।
दूषित पानी से होती हैं कई बीमारियां
दूषित पानी पीने से पीलिया, डायरिया, टायफायड समेत कई तरह की संक्रामक बीमारियों के होने का खतरा रहता है। इसके अलावा अपच, बदहजमी और गैस्ट्रो की भी परेशानी बनी रहती है।
बायोकेमिकल के सैंपल भेजा जाता है दिल्ली
स्वास्थ्य विभाग के पास पानी के कल्चर कराने की सुविधा ही नहीं है। विभाग द्वारा पहले समय-समय पर बायेकेमिकल जांच कराई जाती थी लेकिन पिछले कई महीनों से जांच नहीं कराई जा रही है। कल्चर रिपोर्ट से पता चलता है कि पानी में ई कोलाई या बैक्टीरिया है या नहीं है। सिद्धार्थ विहार में दस जगहों से पानी के सैंपल इन सभी जगहों के पानी की पाइप में लीकेज की समस्या पाई गई है।