स्मार्ट सिटी मिशन में प्राइवेट कंपनियां भी नगर निगम का साथ देंगी। बृहस्पतिवार को निगम में 25 से ज्यादा मल्टीनेशनल और देसी कंपनियां पहुंचेंगी। आईटी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और वाटर मैनेजमेंट सेक्टर में काम करने वाली यह मल्टीनेशनल और देसी कंपनियां स्मार्ट सिटी चयनित होने के बाद शुरू होने वाली परियोजनाओं में काम करेंगी।
बृहस्पतिवार को ही यह कंपनियां मेयर और निगम अधिकारियों को अपने प्रोजेक्ट का प्रेजेंटेशन भी देंगी। 27 मई को निगम अधिकारी और महापौर शहर की आरडब्ल्यूए, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के साथ बैठक करेंगे।
दरअसल, बृहस्पतिवार को होने वाले प्रेजेंटेशन कंपनियां और निगम अधिकारी बताएंगे कि स्मार्ट सिटी के लिए क्या-क्या मुख्य आवश्यकताएं होनी चाहिए। मसलन स्मार्ट ट्रांसपोर्ट स्मार्ट यूटीलिटी, स्मार्ट एनर्जी, स्मार्ट बिल्डिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा के स्मार्ट इंतजाम और वाटर मैनेजमेंट आदि।
इसके अलावा केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन पर भी चर्चा होगी। स्मार्ट सिटी मिशन के सह नोडल अधिकारी एसएस चौहान ने बताया कि इनमें से कई कंपनियों से नगर निगम बृहस्पतिवार को ही एमओयू साइन करेगा। स्मार्ट सिटी प्रपोजल में केंद्र सरकार को जानकारी देंगे कि उनके पास स्मार्ट सिटी की सभी योजनाओं के लिए बेहतर कंपनियां हैं।
31 मई तक दे सकेंगे ऑनलाइन सुझाव: शहर के लोग अब स्मार्ट सिटी के लिए चयनित किए गए चार क्षेत्रों पर वोटिंग और ऑनलाइन सुझाव अब 31 मई तक दे सकेंगे। इसके लिए पहले 25 मई अंतिम तारीख तय की गई थी। ऐसे में अब गाजियाबाद को ऑनलाइन सुझाव के मामले में आगे बढ़ाने के लिए गाजियाबादियों के पास 31 मई तक का समय है।