डूडा योजना के अंतर्गत रिक्शा चालकों को दिए जाने वाले मुफ्त ई-रिक्शे के रजिस्ट्रेशन में जमकर फर्जीवाड़ा हुआ है। प्रशासनिक जांच के बाद यह सच्चाई सामने आई है। कुल रजिस्ट्रेशन में से मात्र 40 फीसदी आवेदन ही सही हैं, जबकि 60 प्रतिशत आवेदन फर्जी मिले हैं।
बता दें कि योजना के तहत गत माह नगर विकास मंत्री आजम खां द्वारा कुछ लोगों को ई-रिक्शा दिया जा चुका है। इसके बाद बचे हुए रिक्शे को प्रशासन द्वारा वितरित किया जाना था। इसी बीच फर्जीवाड़े की शिकायत आई तो सीडीओ द्वारा टीम गठित कर मामले की पूरी जांच की गई। जांच में जो सामने आया उसने शिकायत को सही साबित कर दिया।
एक-दो नहीं बल्कि 211 आवेदन फर्जी निकले। अब बचे हुए 150 लोगों को जल्द ही ई-रिक्शा दिया जाएगा।डीएम निधि केसरवानी ने बताया कि शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच सीडीओ की टीम द्वारा गठित की गई। जांच अधिकारियों को केवल आवेदकों के नाम और पते दिए गए, किसी का भी फोन नंबर जांच अधिकारी को नहीं दिया गया।
ऐसे में सभी जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे और आवेदकों से बातचीत की। इसमें मालूम हुआ कि जो लोग किराए पर रिक्शा चला रहे हैं, उन्होंने भी इस योजना के तहत आवेदन कर दिए हैं। जबकि योजना में केवल उन्हीं लोगों को आवेदन करना था जिनके पास अपना खुद का रिक्शा पहले से हो।
अब इस तरह के आवेदकों को किस आधार पर पहले ओके कर दिया गया, यह हैरत की बात है। महज अकेला मुरादनगर ही ऐसा क्षेत्र हैं, जहां के शत-प्रतिशत आवेदन सही मिले हैं।
कहां कितने हुए आवेदन और कितने निकले फर्जी
क्षेत्र कुल आवेदन फर्जी आवेदन सही आवेदन
लोनी 229 153 76
नगर निगम 70 12 58
मुरादनगर 11 --- 11
मोदीनगर नगर पालिका 51 26 25