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बहुमंजिला सोसाइटियों में बालकनी ऊंचाई के नहीं मानक, खतरे में जान

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बहुमंजिला सोसाइटी में बालकनी की ऊंचाई का नहीं मानक, खतरे में जान
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गाजियाबाद। क्रॉसिंग्स रिपब्लिक की जीएच-7 सोसाइटी में एक मासूम के बालकनी से गिरने के मामले ने सबको झकझोर कर रख दिया है। बीते दो सालों में बालकनी से गिरने के एक दर्जन से अधिक मामलों ने इस ओर सोचने को मजबूर कर दिया है। बिल्डर भले ही मानकों के तहत बहुमंजिला इमारतों में बालकनी की ऊंचाई रखने का हवाला दे रहे हैं। लेकिन बहुमंजिला इमारतों में बालकनी की ऊंचाई की जगह केवल चौड़ाई का मानक तय है। इसका लाभ बिल्डरों को मिल रहा है। लेकिन विभिन्न सोसाइटियों में लगातार हो रही घटनाओं ने इस ओर कदम उठाने को मजबूर कर दिया है।
जीडीए के मानकों की बात करें तो बहुमंजिला इमारतों में बालकनी की चौड़ाई 1.50 मीटर से अधिक नहीं होने का नियम है, लेकिन बालकनी की ऊंचाई को लेकर बिल्डर स्वतंत्र हैं। दूसरी ओर बिल्डर अपने मानकों के तहत न्यूनतम एक मीटर ऊंची बालकनी की बात कह रहे हैं। कॉस्ट कटिंग के चलते अधिकांश बिल्डरों की ओर से तीन से साढ़े तीन फीट तक की बालकनी की ऊंचाई रखी जाती है। कुछ बड़े बिल्डरों के प्रोजेक्ट में ही चार से पांच फीट ऊंची बालकनी देखी जा सकती है। लगातार हादसों ने अब गाजियबाद आरडब्ल्यूए फेडरेशन को भी इस ओर सोचने पर मजबूर कर दिया है।
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न्यूनतम 4 फीट हो ग्रिल की ऊंचाई
1. यूपी अपार्टमेंट एक्ट 2010 केतहत फ्लैट में किसी प्रकार के बदलाव के लिए आरडब्ल्यूए और बिल्डर की अनुमति लेनी होती है, लेकिन ग्रिल आदि लगाने के लिए सोसायटी की जनरल बॉडी मीटिंग में बातचीत करके इसको लगाया जा सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से ग्रिल आदि लगाने को लेकर कोई मनाही नहीं है। - कर्नल टीपी त्यागी, आरडब्ल्यूए फेडरेशन के चेयरमैन

2. जीडीए के दबाव के चलते सोसायटीज के फ्लैट में किसी प्रकार का कार्य कराने पर बिल्डर आकर खड़े हो जाते हैं। जीडीए द्वारा भी चालान करने की बात की जाती है इसलिए लोग अलग से ग्रिल लगवाने में डरते हैं। अगर जीडीए द्वारा चार फीट के ग्रिल लगाने का मानक हो तो ज्यादा अच्छा रहेगा। - कुलदीप दूबे, क्रासिंग स्थित सुपरटेक लिविन्ग्स्टन

3. जब भी सोसायटी आरडब्यल्यूए को हैंडओवर हो, आरडब्ल्यूए को चेक कर लेना चाहिए कि सोसायटी में सब कुछ मानकों के अनुकूल है या नहीं। यदि नहीं है तो उसी समय बिल्डर से यह काम करा लेने चाहिए। इसके बाद भी आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी बनती है कि वह सोसायटी में रेगुलर अवेयरनेस कैंप लगाएं। शरद झा, चेयरमैन कंसोर्टियम ऑफ सोसायटी गाजियाबाद

4. बालकनी से गिरने के हादसे टीएचए में होते रहे हैं। ऐसे में खुद का अवेयर होना जरूरी है। हम सोसायटी में अक्सर लोगों को जागरूक करते हैं कि वह बालकोनी एरिया को खाली न छोड़ें। बालकनी में रेलिंग तक बच्चे न पहुंच सकें, इसके लिए यह गमले व पौधे लगाने चाहिए। - डीके मौर्या, अध्यक्ष निहो स्कोर्टिश गार्डन सोसायटी
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मानकों के तहत बालकनी निर्माण
बिल्डिंग बायलॉज के मानकों के अनुसार ही बहुमंजिला इमारतों में बालकनी का निर्माण किया जाता है। बायलॉज के तहत न्यूनतम एक मीटर बालकनी की ऊंचाई रहती है। नियमानुसार बालकनी को रेलिंग व अन्य किसी चीज से कवर नहीं किया जा सकता है। लोगों को खुद की सुरक्षा का ध्यान रखना होगा। - गौरव गुप्ता, अध्यक्ष क्रेडाई व एमडी एसजी स्टेट

बहुमंजिला इमारतों से गिरकर हुए दर्दनाक हादसे
- फरवरी 2019 में इंदिरापुरम एटीएस के 17वें फ्लोर से सेल महिला अधिकारी की मौत
- अप्रैल 2018 को गोविंदपुरम में 70 साल के बुजुर्ग की आठवीं फ्लोर से गिरने से मौत
- मार्च 2018 को राजनगर एक्सटेंशन में पांचवें फ्लोर से गिरने से 5 साल के बच्चे की मौत
- फरवरी 2018 में इंदिरापुरम में 14 साल की लड़की की 6वीं मंजिल से गिरने से मौत
- फरवरी 2018 इंदिरापुरम में 10वीं मंजिला से गिरकर 4 साल की बच्ची की मौत
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