नगर निगम-पुलिस पर भारी पड़ रहे पार्किंग माफिया
गाजियाबाद। नगर निगम और पुलिस पर पार्किंग माफिया भारी पड़ रहे हैं। सड़क किनारे साइड पटरी पर पार्किंग स्टैंड संचालित किए जाने पर एनजीटी की रोक के बावजूद शहर में अभी भी अवैध पार्किंग निगम और पुलिस के अधिकारियों की नाक के नीचे संचालित की जा रही हैं। आरडीसी स्थित गौड़ मॉल के बाहर संचालित हो रही अवैध पार्किंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एनजीटी के आदेश के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने पार्किंग बंद कराने की गेंद पुलिस के पाले में डाल दी है। निगम अधिकारियों ने एसएसपी को पत्र लिखकर अवैध वसूली कर रहे लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारी पार्किंग बंद कराने की जिम्मेदारी नगर निगम की बता रहे हैं और इसके लिए जरूरी पुलिस बल उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में दोनों विभागों के अधिकारी एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर अवैध पार्किंग पर कार्रवाई से बच रहे हैं। इसका फायदा पार्किंग माफियाओं को मिल रहा है।
आरडीसी में गौड़ मॉल के बाहर निगम ने पार्किंग बंद कराने का दावा किया है, लेकिन बृहस्पतिवार की रात भी यह पार्किंग स्टैंड संचालित हो रहा था। यहां नगर निगम के नाम से वाहन चालकों को पर्चियां देकर वसूली की जा रही थी। यही नहीं नेहरू नगर में यशोदा अस्पताल के सामने, गांधी नगर में तहसील के आसपास, जीटी रोड पर ऑप्यूलेंट मॉल के पास भी अवैध रूप से पार्किंग संचालित की जा रही हैं।
निगम के कर्मचारी भी शामिल हैं पार्किंग स्टैंड को चलवाने में
निगम सूत्रों का कहना है कि निगम के कुछ कर्मचारी भी अवैध पार्किंग स्टैंड को चलवाने में शामिल हैं। यह कर्मचारी ठेकेदारों को शेल्टर दिए हुए हैं। निगम की ओर से कार्रवाई की जो प्लानिंग की जाती है, उसकी जानकारी कार्रवाई से पहले ही पार्किंग स्टैंड संचालकों को मिल जाती है।
वाहन चालकों से रोजाना हो रही लाखों की अवैध वसूली
नगर निगम ने 31 मार्च के बाद किसी भी पार्किंग का ठेका रिन्यूअल नहीं किया है। बावजूद इसके शहर में 20 से ज्यादा स्थानों पर अवैध पार्किंग स्टैंड संचालित हो रहे हैं। इनमें वाहन चालकों से प्रतिदिन एक से डेढ़ लाख रुपये रोजाना की वसूली हो रही है।
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कोट
अवैध रूप से चल रही पार्किंग की शिकायत मिली है। इनकी वीडियोग्राफी कराई जा रही है। इसके बाद पुलिस ब्योरा भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी। अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - दिनेश चंद्र, नगर आयुक्त