उपद्रव में सरकारी-गैर सरकारी रुप से लाखों का हुआ नुकसान
- बसों, पेट्रोल पंपों, दुकानों और वाहनों में हुई तोड़फोड़ के बाद लोगों में आक्रोश
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जनपद में सोमवार को उप्रदवियों के द्वारा की गई तोड़फोड़ का आंकलन किया जाए तो सरकारी व गैरसरकारी रुप से लाखों रुपये का नुकसान लोगों को झेलना पड़ा है। प्रतिष्ठानों में तोड़ फोड़ की गई। यही नहीं सबसे ज्यादा नुकसान छोटे तबके के लोगों को हुआ। सड़क किनारे रेहड़ी लगाने वाले, चाय की दुकान वाले व अन्य छोटे-मोट दुकानदारों को उपद्रव से काफी नुकसान हुआ है। रोडवेज बसों में तोड़फोड़ से हुए नुकसान का आंकलन करने में विभागीय अधिकारी जुट गए हैं। हालांकि, अभी प्रत्यक्ष तौर पर हुए कुल नुकसान के मामले में आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है। अब सवाल है कि उपद्रव में सरकारी व गैर सरकारी रुप से हुए नुकसान की भरपाई किससे की जाएगी?
इन्होंने कहा..
- क्षेत्र के गांव कैथाना निवासी किसान श्रीपाल ने बताया कि सोमवार को वह किसी काम से शहर आए थे। लेकिन, शहर का माहौल खराब था। लोग हंगामा कर रहे थे, दुकानों में तोड़फोड़ की जा रही थी। यही नहीं उन्होंने कहा कि विरोध का जो तरीका अपनाया गया वह बिल्कुल गलत था। शांतिपूर्वक विरोध कर सरकार से अपनी बात रखी जा सकती थी।
- नगर के मोहल्ला साठा निवासी गोपाल सिंह रेहड़ी संचालक हैं। वह शनिदेव मंदिर रोड पर छोले-कुलचे की रेहड़ी लगाकर अपना व अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। सोमवार को उपद्रव के दौरान उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक उनका काम पूरी तरह से ठप रहा।
- कचहरी रोड पर ही चाय की दुकान करने वाले योगेश कुमार ने बताया कि सोमवार को उपद्रव के दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ भी हाथापाई की थी। कुछ लोगों के बीच बचाव करने के बाद आरोपी उपद्रवी भाग निकले थे। आरोपी उनकी दुकान बंद कराना चाहते थे।
- नगर के चांदपुर रोड स्थित हलवाई की दुकान करने वाले देशराज सिंह ने बताया कि सोमवार को कुछ उपद्रवियों ने उनकी दुकान भी बंद कराने की कोशिश की थी। लेकिन, आस-पड़ोस के लोगों को एकत्रित होते हुए देख आरोपी भाग निकले। हालांकि, दिनभर हुए हंगामे के बाद दिनभर उनका काम ठप ही रहा।