साहिबाबाद (गाजियाबाद)। सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (सीईएल) में बृहस्पतिवार को 200 मेगावाट के स्वचालित सोलर मॉड्यूल प्लांट का शुभारंभ हो गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने बटन दबाकर प्लांट शुरू किया। इससे सीईएल की सोलर पैनल उत्पादन क्षमता 20 मेगावाट से बढ़कर 200 मेगावाट सालाना हो गई है।
उद्घाटन के बाद केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि यह प्लांट सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश की आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही सीईएल में पवन ऊर्जा से बिजली बनाने और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर के तहत एंटी-ड्रोन सिस्टम पर भी काम शुरू होगा। इसकी पूरी योजना तैयार है। उन्होंने बताया कि साल के अंत तक सीईएल में 40 मेगावाट का डाटा सेंटर भी बनकर तैयार हो जाएगा।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट सेक्टर से जोड़कर लाभकारी कदम उठाया है। इससे पीपीपी मॉडल पर सौर ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में बेहतरीन काम हो रहे हैं। कार्यक्रम में सीएसआईआर की सचिव डॉ. एन. कलईसेल्वी, कार्यकारी निदेशक सरिता कौल, निदेशक सत्यम सिंह, महाप्रबंधक आरके गर्ग, वित्त महाप्रबंधक पंकज खन्ना और मोटिवेशनल स्पीकर अभिनव बिंद्रा मौजूद रहे।
बढ़ेगी सालाना आय
सीएमडी चेतन प्रकाश जैन ने बताया कि अब तक सिर्फ 20 मेगावाट उत्पादन होने से संस्थान घाटे में था। प्राइवेट फर्म के साथ संचालन से सालाना आय बढ़ेगी। नए प्लांट से करीब 150 करोड़ रुपये की सालाना आय होगी, जिसमें से सीईएल को 8-9 करोड़ रुपये मिलेंगे। उन्होंने कहा कि विंड टरबाइन पर भी नई तकनीक के साथ तेजी से काम हो रहा है।