नगर निगम 20 साल के कार्यकाल में भी शहर के लोगों की प्यास नहीं बुझा पा रहा। गर्मी बढ़ने के साथ-साथ पानी का संकट भी बढ़ने लगा है। नीचे खिसकते ग्राउंड वाटर और नगर निगम के कमतर संसाधनों ने लोगों की पीड़ा और बढ़ा दी है। अब रेजिडेंट्स को पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
शहर में जिस तेजी से आबादी बढ़ी, उस अनुपात में निगम ने पानी के संसाधन विकसित नहीं किए। गाजियाबाद की तकरीबन 30 फीसदी आबादी अभी भी ऐसी है जहां नगर निगम की पाइप लाइन से वाटर सप्लाई नहीं है। 21वीं शताब्दी में भी दिल्ली-नोएडा जैसे हाईटेक शहरों से चंद किलोमीटर की दूरी पर बसी 20 से ज्यादा कालोनी के लोग पानी के लिए हैंडपंप पर निर्भर हैं।
मांग और आपूर्ति में हैं बड़ा अंतर
शहर में पानी की मांग 650 एमएलडी से ज्यादा हैं। आपूर्ति सिर्फ 550 एमएलडी है। तकरीबन 100 एमएलडी पानी की कमी से गाजियाबाद के लोग प्रतिदिन जूझ रहे हैं। गर्मियों में पानी की मांग बढ़ जाने से आपूर्ति और डिमांड का अंतर और बड़ा हो जाता है।
सरफेस वाटर की सप्लाई बढ़ानी होगी
शहर में पानी की आपूर्ति का जिम्मा ट्यूबवेलों के साथ-साथ एक गंगाजल प्लांट पर है। सप्लाई होने वाले पानी का 90 फीसदी हिस्सा नलकूपों से और महज 10 फीसदी हिस्सा गंगाजल प्लांट से मिलता है। नलकूप खराब होते ही कालोनियों में पानी की आपूर्ति गड़बड़ाने लगती है।
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टीएचए में पानी की किल्लत ज्यादा
टीएचए के वसुंधरा जोन में 50 क्यूसेक और मोहननगर जोन में 40 एमएलडी पानी की डिमांड है। नगर निगम वसुंधरा जोन में 30 क्यूसेक और मोहन नगर जोन में लगभग 20 एमएलडी ही पानी सप्लाई कर पाता है। वहीं इंदिरापुरम में 15 क्यूसेक है, स्टोरेज की व्यवस्था न होने से जीडीए मात्र 12 क्यूसेक पानी ही ले पा रहा है।
वसुंधरा जोन में 36 नलकूपों से पानी की सप्लाई की जा रही है। मोहन नगर जोन में पानी की सप्लाई का जिम्मा 18 नलकूपों पर है। इंदिरापुरम में भी जीडीए ने 16 ट्यूबवेल लगाए हैं। गंगाजल सप्लाई बंद होने पर इन्हीं से घरों तक पानी पहुंचाया जाता है।
शहर में निगम के पानी संसाधन
संसाधन कुल खराब
ट्यूबवेल 480 08
हैंडपंप 7150 570
कुल ओवरहेड टैंक 63
सिटी जोन 13
विजय नगर जोन 08
कविनगर जोन 12
मोहननगर जोन 07
वसुंधरा जोन 23
पानी के टैंकर 33
पार्षद बोले
लाइन पार क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा है। यहां ट्यूबवेलों का पानी इकट्ठा करने के लिए सीडब्ल्यूआर (सेंट्रल वाटर रिजर्वायर) तक नहीं बना। हैंडपंप खराब हैं। छोटे ट्यूबवेलों का रिबोर किया जाना है। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। गर्मी में पानी का संकट बढ़ने से जनता को जवाब देना मुश्किल हो रहा है। - कुलदीप, पार्षद, वार्ड-2
अधिकारी बोले
पानी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नए करीब 10 ट्यूबवेल रिबोर कराए जाने हैं। टीएचए में गंगाजल प्लांट बनाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। बंथला में 4 नए ट्यूबवेल लगाए जाने की स्वीकृति मिल गई है। 100 हैंडपंप भी लगाए जाएंगे। शहर में पानी की कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। - आरके यादव, अधिशासी अभियंता, नगर निगम