गाजियाबाद। प्रॉपर्टी टैक्स चुकाने में प्राइवेट संस्थान या रेजिडेंट्स ही पीछे नहीं हैं, सरकारी विभाग भी नगर निगम को सर्विस चार्ज नहीं दे रहे हैं। सिटी जोन में ही 20 सरकारी विभागों पर निगम का करोड़ों रुपया बकाया है। यह सरकारी विभाग वर्षों से इस बकाया रकम को दबाए बैठे हैं।
नगर निगम ने अब 20 विभागों को डिमांड नोटिस जारी कर पैसा मांगा है। नगर निगम प्रदेश सरकार के विभागों से प्रॉपर्टी टैक्स और केंद्र सरकार के विभागों से सिर्फ सर्विस चार्ज वसूलता है। निजी संस्थानों की तुलना में सरकारी विभागों से कम पैसा वसूला जाता है।
बावजूद इसके सरकारी विभाग सर्विस चार्ज चुकाने में आनाकानी कर रहे हैं। निगम के सरकारी विभागों की श्रेणी में सबसे बड़ा बकाएदार रेलवे है। इस पर 3.14 करोड़ रुपया बकाया है। बड़े बकाएदारों की लिस्ट में दूसरे नंबर पर जीडीए है, इस पर करीब 64.30 लाख रुपया बकाया है।
कई वर्ष से जीडीए करंट ईयर का टैक्स चुका देता है, लेकिन बकाया रकम नहीं दे रहा। पुलिस विभाग पर भी 48.78 लाख रुपया नगर निगम का बकाया है। इनके साथ-साथ 20 विभागों पर बकाया है।
25 से ज्यादा बकाएदार सरकारी विभागों की सूची तैयार कर डिमांड नोटिस जारी किए गए थे, 5 विभागों ने बकाया रकम जमा करा दी है, लेकिन 20 विभागों पर अभी भी करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का बकाया है। डिमांड नोटिस की अवधि में रकम जमा न कराई तो उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर रुपयों की डिमांड की जाएगी। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त
इन विभागों पर भी बकाया रकम
विभाग बकाया रकम
जिला अस्पताल 3176994
मुंसिफ कोर्ट 28388
पुलिस विभाग 4878187
श्रमायुक्त ऑफिस 591885
यूपीएसआईडीसी 56304
जीडीए 6430488
बिक्रीकर विभाग 58584
पीडब्ल्यूडी खंड-2 937605
खाद्य विभाग 14780
तहसीलदार 96939
डीआईओएस 2116522
गन्ना अधिकारी 2155396
राजकीय लाइब्रेरी 1301685
पशु चिकित्सालय 22842
नलकूप विभाग मालीवाड़ा 13685
एनसीआर प्लानिंग बोर्ड 2918073
स्टील अथॉरिटी 530884
रेलवे क्वार्टर 31464288
प्रधान डाकघर 9276120
दूरसंचार विभाग मुकुंदनगर 1117056