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Ghaziabad News: मनी लाॅन्ड्रिंग घोटाले की जांच का रौब दिखाकर ठगे 20 लाख

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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने इंदिरापुरम क्षेत्र में रहने वाली 68 वर्षीय महिला को वीडियो काॅल कर उन्हें मनी लाॅन्ड्रिंग घोटाले में बैंक खातों की जांच करने की बात कही। साथ ही धमकी दी कि वह डिजिटल अरेस्ट हैं, कॉल नहीं काट सकतीं। पीड़िता ठगों की बातों में आ गई और बैंक में चेक द्वारा 20 लाख रुपये उनके खातों में ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने 29 लाख रुपयों की और मांग की। पीड़िता ने जैसे ही 29 लाख रुपये का चेक लगाया तो बैंक मैनेजर ने उनके साथ ठगी होने की बात कही। पीड़िता ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
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इंदिरापुरम क्षेत्र के शिप्रा सनसिटी निवासी लज्जा बगाई (68) पत्नी एसएस बगाई ने बताया कि 10 नवंबर को उनके मोबाइल पर अंजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉलर ने खुद का नाम रनवीर सिंह क्राइम ब्रांच मुंबई का इंस्पेक्टर बताकर मोबाइल किसी भी समय बंद होने की बात कही। बताया कि जांच जारी है और आपके खिलाफ मनी लाॅन्ड्रिंग घोटाले का आरोप है। अपने खातों की और दस्तावेजों की जानकारी दें। धमकाया कि इस वक्त आप डिजिटल अरेस्ट हैं और न कॉल काट सकती हैं और न ही किसी अन्य को कॉल कर पाएंगी। दूसरे व्यक्ति ने अपना नाम रोहित गुप्ता बताते हुए खुद का परिचय सीबीआई इंस्पेक्टर के रूप में दिया और कहा कि वीडियो काॅल की अवधि के दौरान फोन नहीं काटना है वरना तत्काल गिरफ्तारी वारंट जारी हो जाएगा।
उनसे कहा गया कि उन्हें इस बात की जानकारी किसी को भी नहीं देनी है और वीडियो कॉल जारी रखनी है। अगले दिन सुबह 10 बजे फिर उनके पास काॅल आई। उनसे बैंक खातों की जानकारी ली गई। उन्हें कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हैं, जो उनका मामला कोर्ट में देखेंगे और सुबह साढ़े 10 बजे कॉल आएगा। आप बुजुर्ग महिला हैं इसलिए घर बैठे कोर्ट उनकी बात सुनेगी। उनके पास करीब सवा 11 बजे कॉल आई और एक व्यक्ति ने खुद को न्यायाधीश बताते हुए उन्हें व्हाट्सएप पर कोर्ट नोटिस भेजा, जिसमें उनके केनरा बैंक के खाते का मनी लाॅन्ड्रिंग में प्रयोग किए जाने की जानकारी थी। पीड़िता को उनके बैंक खाते में रुपये ट्रांसफर होने की बात कही। साथ ही व्हाट्सएप पर ट्रांजेक्शन की डिटेल भी भेजी। साथ ही एक बैंक खाता बताया और इसमें 20 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। ठगों के झांसे में आकर पीड़िता बैंक पहुंची और चेक द्वारा 20 लाख रुपये उनके बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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अगले दिन ठगों ने पीड़िता को फिर कॉल की और उनके बताए खाते में 29 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही। विरोध पर गिरफ्तारी वारंट जारी कराने की धमकी दी। पीड़िता ने बताया कि वह फिर बैंक पहुंची और 29 लाख रुपये का चेक लगाया। इसी बीच बैंक मैनेजर उनके पास पहुंचे और ठगी होने की बात कही। पीड़िता लज्जा बगाई ने साइबर ठगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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