सिद्धार्थ विहार में कूड़ा डालने की नहीं मिली मोहलत
गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार में कचरा डालने की नगर निगम की उम्मीदों को शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है। एनजीटी से नगर निगम को यहां कचरा डालने के लिए मांगी गई मोहलत नहीं मिली। एनजीटी ने आबादी वाले क्षेत्र में पर्यावरण को देखते हुए यहां कूड़ा डालने के लिए समय देने की निगम की याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में शहर में कूड़े की समस्या आने वाले दिनों में और गहरा सकती है। हालांकि निगम इसके अलावा कचरा निस्तारण के लिए अन्य विकल्पों पर भी काम कर रहा है।
नगर निगम शहर से प्रतिदिन निकलने वाले करीब एक हजार टन कचरे को सिद्धार्थ विहार में बने अस्थायी डंपिंग ग्राउंड पर डालता था। अब इस क्षेत्र में आवास विकास परिषद व निजी बिल्डरों के हाउसिंग प्रोजेक्ट बन गए हैं। इनमें हजारों लोगों ने रहना शुरू कर दिया है। कूड़े से परेशान इन लोगों ने यहां कचरा डालने का विरोध किया था। मामला एनजीटी में पहुंचा तो स्टेट लेवल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मॉनीटरिंग कमेटी ने सिद्धार्थ विहार का निरीक्षण किया और बीती 15 जनवरी से यहां कचरा डंप करने पर रोक लगा दी। नगर निगम ने जमीन लीज पर लेकर दूसरी जगहों पर सेनिट्री लैंड फिल साइट बनाने का प्रयास किया, लेकिन हर जगह विरोध हुआ। इसके बाद निगम ने एनजीटी में याचिका दाखिल कर सिद्धार्थ विहार में करीब एक साल और कचरा डालने की मोहलत मांगी थी। निगम की ओर से एनजीटी में कहा गया कि एक साल में गालंद में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लग जाएगा, लेकिन तब तक यहां कचरा डंप करने की मोहलत दे दी जाए। एनजीटी ने निगम की इस याचिका को खारिज कर दिया। चर्चा है कि नगर निगम अब एनजीटी के निर्णय के बाद सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है। दूसरी ओर, अन्य विकल्पों की भी तलाश की जा रही है।
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कोट
एनजीटी से सिद्धार्थ विहार में कचरा डालने की मोहलत नहीं मिली है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद आगे की प्लानिंग की जाएगी। नगर निगम कचरा निस्तारण करने के लिए अन्य विकल्पों पर भी काम कर रहा है। - दिनेश चंद्र, नगर आयुक्त