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Ghaziabad News: शेयर में निवेश कराने के नाम पर 17 लोगों से ठगे पांच करोड़

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गाजियाबाद। साइबर थाना पुलिस ने नोएडा के बैंक के उप प्रबंधक समेत ऐसे पांच शातिरों को गिरफ्तार किया है, जो शेयर में निवेश कराने के नाम पर छह राज्यों के 17 लोगों से पांच करोड़ की रकम ठग चुके थे। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर दस्तावेज मंगाते थे। उनके दस्तावेज पर बैंकों में खाते खोल लेते थे। ठगी की रकम इन खातों में ही जमा कराई जाती थी।
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एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि पकड़े गए शातिरों की पहचान राजस्थान के टोक निवासी गणेश कुमार, राजस्थान के केकड़ी निवासी दशरथ सैनी, दिल्ली के मंगोलपुरी निवासी किशन कुमार उर्फ कृष्ण और एटा के जसरथपुर निवासी सुरजीत के रूप में हुई है। इनमें सुरजीत बैंक अधिकारी है। गणेश 12वीं पास, दशरथ आठवीं पास और किशन नौवीं पास है। इनके पास से एक लैपटॉप, तीन कंप्यूटर, आठ मोबाइल, चार पीओएस मशीन, 13 मोहर, 19 चेक बुक, छह पासबुक, छह डेबिट कार्ड, तीन बैनर और अन्य सामान बरामद किए हैं। शातिरों ने बैंक खाते नोएडा के पते पर खोल रखे थे। इनमें दस्तावेज राजस्थान के लोगों के इस्तेमाल किए गए। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, यूपी, दिल्ली और महाराष्ट्र के लोगों को ठगी का शिकार बना चुके थे।





इंदिरापुरम के युवक से ठगे 46 लाख



इस गिरोह ने इंदिरापुरम के युवक पीयूष वर्मा से 46 लाख रुपये की ठगी थी। पुलिस ने इसका केस दर्ज जांच शुरू की तो गिरोह की जानकारी मिली। पीयूष के 15 लाख रुपये वापस करा दिए गए। बाकी रकम शातिरों ने ठिकाने लगा दी थी। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह में और भी कई लोग हैं। उनके पकड़े जाने पर बड़ा खुलासा हो सकता है। पांच करोड़ की ठगी आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल की है। खातों में पांच करोड़ का लेनदेन भी मिला है। जांच पूरी होने तक यह राशि बढ़ सकती है।
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गिरोह में चार्टर्ड अकाउंटेंट भी शामिल



गिरोह में मुंबई का निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट वानी शिवाजी विष्णु भी शामिल है। वह हाथ नहीं आया है। पुलिस ने बताया कि गिरोह का शातिर गणेश राजस्थान के गांवों में जाकर प्रचार प्रसार करके लोगों को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनके दस्तावेज लेकर खाते खुलवाता है। कई बार लोगों को नोएडा कार्यालय में बुलाकर नौकरी दिलाने का यकीन दिलाता है। इसी तरह शातिरों ने काम बांट रखे है। नोएडा में दफ्तर खोल रखा था। वहां से लोगों को काॅल करते थे। शेयर में निवेश का झांसा देकर ठगते थे।
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ऐसे फंसाते थे जाल में



लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजते थे और काॅल करते थे। उन्हें शेयर में निवेश कराकर मोटा मुनाफा दिलाने का लालच देते थे।



जो जाल में फंस जाता था, उसे टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लेते थे। इस ग्रुप नें लिंक भेजकर अपना एप इंस्टाॅल करा लेते थे।



लोगों से निवेश के नाम पर रकम अपने खाते में जमा कराते थे, उनसे एप को चेक करने के लिए कहते थे।



एप में जानकारी अपने हिसाब से बदलते रहते थे। लोगों को लगता था कि शेयर में निवेश से मुनाफा हो रहा है।



जैसे ही कोई निवेश बंद करने और रकम निकालने की बात करता, वैसे ही उसे टेलीग्राम ग्रुप से निकाल देते और उसका मोबाइल नंबर ब्लाॅक कर देते।
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