गाजियाबाद। शिव शक्ति धाम डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को फिर से अनशन शुरू किया है। उन्होंने निर्णय लिया है कि जब तक एक लाख युवा पांच-पांच बच्चे पैदा करने का संकल्प नहीं लेंगे, तब तक वह अनशन पर बैठे रहेंगे। कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग पूरी न होने पर यति नरसिंहानंद सरस्वती ने अनोखे तरीके से विरोध शुरू किया है।
बृहस्पतिवार को डासना देवी मंदिर में बगलामुखी यज्ञ के बाद यति नरसिंहानंद सरस्वती ने आमरण अनशन बैठे हैं। उनका कहना है कि आज अगर हिंदू हित की बात कोई करता है तो उसे अपमानित और प्रताड़ित किया जाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से सरकार से कठोर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है। इसलिए अब खुद ही कदम उठाना होगा।
अब मेरा अनशन किसी सरकार या नेता से कुछ मांगने के लिए नहीं है बल्कि युवाओं को अधिक से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित करना है। जब तक मंदिर में एक लाख युवा शक्ति पांच बच्चे पैदा करने की शपथ नहीं ले लेते, तब तक अनशन चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि अनशन करते हुए अगर मेरा अंत होता है यह मेरे लिए सौभाग्य की बात होगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान लगातार मां बगलामुखी का यज्ञ भी चलता रहेगा।