गाजियाबाद। भाजपा नेता और कारोबारी नवीन जैन को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी उनके ही दो सगे भाइयों को पुलिस बृहस्पतिवार को भी गिरफ्तार नहीं कर पाई। कारोबारी के बेटे और पत्नी ने पुलिस से आरोपियों की गिरफ्तार करने की मांग की है। बेटे ने ही दोनों ताऊ के खिलाफ नवीन को आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उधर बृहस्पतिवार को नवीन जैन का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में हिंडन तट पर कर दिया गया।
अशोक नगर कॉलोनी निवासी कारोबारी नवीन जैन भाजपा किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष था। नवीन का अपने दो बड़े भाइयों पवन जैन व पंकज जैन के साथ जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार की सुबह नवीन जैन गुप्ता कालोनी स्थित अपनी मां शारदा जैन के घर गए हुए थे। वहां नवीन के साथ उनके भाई पवन, पंकज व अन्य रिश्तेदार भी मौजूद थे।
विवाद को निपटाने के लिए वार्ता चल रही थी। कोई रास्ता नहीं निकला तो नवीन ने मां और भाइयों के सामने ही अपनी लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगते ही नवीन की मौके पर ही मौत हो गई। नवीन के बेटे रचित जैन ने नगर कोतवाली में बुधवार शाम अपने ताऊ पंकज जैन और पवन जैन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
बृहस्पतिवार को दोपहर में हिंडन नदी पर नवीन जैन का अंतिम संस्कार किया गया। बेटे रचित जैन ने मुखाग्नि दी। नवीन की पत्नी शुभ्रा जैन और बेटा रचित जैन ने आरोपी पंकज और पवन को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर रही है। नवीन जैन की शोक सभा शुक्रवार को सुबह 11 बजे जैन स्थानक बी ब्लॉक कविनगर में होगी।
कई परिवार बचाए, अपना ही उजड़ गया
लोगों का कहना है कि नवीन जैन ने एक दिन में ही आत्महत्या की प्लानिंग नहीं की होगी। वह सभी लोगों की मदद करते थे। लोगों के झगड़ों को शांत कराते थे। नवीन के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने कई परिवार उजड़ने से बचाए। वह नेकदिल इंसान थे, लेकिन जब खुद के परिवार को संभालने की बारी आई तो वह हार गए।
भाइयों पर टार्चर करने का आरोप
बेटे और पत्नी ने कहा कि बड़े भाइयों ने नवीन को इतना टार्चर किया कि आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प ही नहीं बचा। भाइयों ने उन्हें पिता की हत्या में शामिल बता दिया। उसके बाद तो उन्होंने खाना तक छोड़ दिया था। बेटे और पत्नी के लिए भी धमकियां मिल रहीं थी। इकलौते पुत्र के लिए लिए मारने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह बहुत डरे हुए थे।
करोड़ों के मालिक, 50 लाख के झगड़े में दी जान
लोगों का कहना है कि नवीन, पंकज और पवन तीनों भाइयों का अच्छा कारोबार है। कई करोड़ की प्रापर्टी है, लेकिन केवल 70 लाख रुपये के झगड़े में एक भाई की जान चली गई। यह किसी के दिमाग से नहीं उतर रहा है। लोगों का कहना है कि पुलिस सही से जांच करेगी तो सारा मामला खुलकर सामने आ जाएगा। मामला 70 लाख रुपये का है या ज्यादा का। यह तो बाद में ही पता चलेगा।