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वेस्ट यूपी के 22 जिलों के वकील आज हड़ताल पर

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वेस्ट यूपी के 22 जिलों के वकील आज हड़ताल पर
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गाजियाबाद। कचहरी परिसर से डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा हटाने पर भड़के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को दिनभर कचहरी में हंगामा किया। वकीलों और उनके समर्थन में आए सामाजिक संगठनों के लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसी अनहोनी से निपटने के लिए तीन जिलों की फोर्स और पीएसी के साथ जिले के सभी थाना प्रभारियों को कचहरी में तैनात किया गया था, जिससे कचहरी छावनी से तब्दील हो गई। वहीं, अधिवक्ताओं की हड़ताल के चलते कचहरी और कोर्ट में कामकाज ठप रहा। इसके कारण हजारों वादियों को वापस घर लौटना पड़ा। उधर, विरोध में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के बार एसोसिएशन ने बुधवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहने की घोषणा कर दी है।
कचहरी में डा. अंबेडकर की प्रतिमा लगाने के बाद शुरू हुआ विवाद मंगलवार को भी जारी रहा। अधिवक्ता मनोज नागवंशी ने बताया कि अधिवक्ताओं ने प्रतिमा हटाने के बाद उस स्थान पर अंबेडकर की एक फोटो स्थापित कर मोमबत्ती जलाई और प्रशासन से प्रतिमा लौटाने की मांग की। पीड़ित अधिवक्ता सुरेश कर्दम ने बताया कि रात के समय पुलिस ने वीडियो बना रहे दो अधिवक्ताओं के मोबाइल लूट लिए और बाद में क्लिप डिलीट कर उन्हें लौटाया। वहीं, सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता भी प्रशासनिक अधिकारियों समेत 250 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में अगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और अन्य अधिवक्ताओं की दिनभर मीटिंग भी कीं। बार सचिव परविंदर नागर ने बताया कि बुधवार को वेस्ट यूपी के 22 जिलों के अधिवक्ता हड़ताल पर रहेंगे।
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वेल्डिंग कटर से काटकर ले गए प्रतिमा
प्रत्यक्षदर्शी अधिवक्ताओं ने बताया कि देर रात करीब दो बजे अधिकारी तीन जेसीबी, तीन हाईड्रा, नगर निगम का ट्रक और गैस वैल्डिंग कटर लेकर कचहरी में पहुंचे और अंबेडकर की प्रतिमा को धरातल से काटकर कंबल से ढककर ले गए। विरोध करने पर पुलिस ने अधिवक्ता सुभाष मुखी को हिरासत में ले लिया। वहीं, बाद में प्रशासन प्रतिमा हटाए जाने तक करीब एक घंटा उसे अवैध हिरासत में रखने के बाद छोड़ दिया।

प्रशासन के दूत बनकर, वकीलों को समझाने पहुंचे नरेंद्र कश्यप
पूर्व राज्यसभा सांसद और भाजपा नेता नरेंद्र कश्यप हंगामे के दौरान कचहरी में पहुंचे। उन्हें शासन की ओर से भेजा गया था। नरेंद्र कश्यप ने बार पदाधिकारियों को समझाने के लिए उनके साथ एक मीटिंग की, जिसके बाद ही अधिवक्ताओं का एक गुट डीएम से मिलने गया। बाद में डीएम ने कचहरी के चौकीदार और एसएसपी ने कचहरी चौकी इंचार्ज सर्वेश को सस्पेंड कर दिया।
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दिनभर होती रही नोकझोंक
सुबह से ही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की वकीलों से दिनभर नोकझोंक होती रही। कचहरी में एडीएम सिटी, एडीएम ई, एसपी सिटी आकाश तोमर, एसडीएम सदर अमितपाल शर्मा और एसडीएम अतुल शर्मा मौके पर मौजूद रहे। हालांकि अधिकारी दिनभर एक कोने में ही खडे़ रहे।
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