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नौजवानों पर बुजुर्गों का जोश भारी, पैरों से तेज चली बैसाखियां-Cordination

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देखिए! ये हैं लोकतंत्र के असली पहरेदार
गाजियाबाद। शारीरिक अक्षमता, बीमारी और उम्र का तकाजा भी लोकतंत्र की पहरेदारी करने से इनको नहीं रोक सका। निकाय चुनाव के लिए मतदान करने वालों में बुजुर्ग से लेकर दिव्यांगों तक ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। बैसाखी, व्हीलचेयर और अपनों के सहारे पोलिंग बूथ तक वोट डालने पहुंचे इन बुजुर्गों और दिव्यांगों में वोटिंग के लिए पहली बार जैसा जोश दिखा। क्षेत्र के विकास और अपनों के लिए सुनहरे भविष्य की कल्पना को मन में रखकर मतदान करने पहुंचे बुजुर्गों और दिव्यांगों ने सभी से वोटिंग के अधिकार का प्रयोग करने की बात कही।
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प्रताप विहार स्थित लीलावती स्कूल में 80 वर्षीय सरवर अहमद और 79 वर्षीय उनकी पत्नी नाजनीन लगातार 25वीं बार एक साथ में वोट करने पहुंचे। 80 वर्षीय रंजीत सिंह राणा अपने पोते रोहित के साथ प्रताप विहार के गोल्डन पब्लिक स्कूल में वोट डालने पहुंचे। गोविंदपुरम स्थित महर्षि दयानंद इंटर कालेज के पोलिंग बूथ पर अपने पोते दीपक के साथ वोटिंग करने पहुंचे बलबीर सिंह ने वोटिंग के साथ सभी से मताधिकार के इस्तेमाल की अपील की। प्रताप विहार के एक बूथ पर 80 वर्षीय नब्बो भी अपने पोते के सहारे वोटिंग करने पहुंचीं। एक अन्य बूथ पर 70 वर्षीय मिथलेश तिवारी ने बीमारी के बावजूद अपने बेटे के सहारे मताधिकार का इस्तेमाल किया। वहीं, प्रताप विहार के कांशीराम आवास कालोनी से करीब दो किलो मीटर का रास्ता तय कर बैसाखी के सहारे वोटिंग करने पहुंचीं दिव्यांग संतोष ने एक मिसाल पेश की। एमडी कालेज में मतदान करने पहुंचे ट्राई साइकिल से लोकेंद्र आने बेटे के साथ वोट करने पहुंचे। वही 80 वर्षीय विद्या अपनी बहू के साथ वोट करने मतदान केंद्र पहुंची।
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