परिवहन विभाग ने आटो फिटनेस के लिए नया नियम लागू कर दिया है। अब आटो का मालिक ही इसकी फिटनेस करा सकेगा, किसी दूसरी-तीसरी पार्टी को फिटनेस नहीं दी जाएगी।
आटो का चालान भी इसके मालिक के खिलाफ ही किया जाएगा। इससे शहर से 10 हजार से ज्यादा आटो बाहर हो जाएंगे।
शहर में जाम का मुख्य कारण आटो हैं। जनपद में आटो संचालन की क्षमता 12 हजार है, इसके विपरीत 33 हजार आटो-थ्री व्हीलर दौड़ रहे हैं।
इनमें से 18-20 हजार का संचालन शहर में हो रहा है। कमिश्नर ने आरटीए की बैठक में पिछले साल शहर में आटो परमिट पर रोक लगा दी थी।
सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे दो पहिया वाहन
ग्रीन ट्रिब्युनल के 15 साल पुराने वाहनों को एनसीआर से बाहर करने का सबसे ज्यादा प्रभाव दो पहिया वाहनों पर पड़ेगा। मार्च तक नया नियम लागू हो जाएगा।
मेरठ मंडल में चल रहे दोपहिया वाहन 50 फीसदी से ज्यादा हैं। दिल्ली और मेरठ मंडल के जिलों में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रीन ट्रिब्युनल ने प्रयास तेज कर दिए हैं।