इस संबंध में मसूरी पुलिस मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी शफीक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि बाकी दो आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। शफीक भी जमानत पर रिहा हो चुका है। पीड़िता का आरोप है कि तीनों आरोपी उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं।
ऐसा न करने पर वह उसके विकलांग भाई की हत्या और परिवार को झूठे केस में जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि इस संबंध में उसने एसएसपी से भी शिकायत की थी। आरोपियों की धमकी के चलते वह और उसका भाई अलग-अलग स्थानों पर छुपकर अपनी जान बचा रहे हैं।
पीड़िता का कहना कि उसके मां-बाप भी नहीं है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस के चक्कर काट-काट कर थक गई है। पुलिस की लापरवाही से नाराज होकर उसने कलेक्ट्रेट पर आत्मदाह की कोशिश की।