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कार सवार युवक-युवती से वसूली करने पर पांच सिपाही सस्पेंड, ट्वीट पर डीजीपी से की थी शिकायत

Fri, 02 Aug 2019 04:54 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, साहिबाबाद
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद पुलिस एक बार फिर से विवादों में घिरी है। इंदिरापुरम थाने के नीतिखंड चौकी क्षेत्र में पांच पुलिस कर्मियों पर एक सप्ताह पूर्व कार सवार युवक-युवती से वसूली करने का आरोप लगा है। 
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पीड़ित ने ट्वीट कर डीजीपी समेत पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की तो गाजियाबाद पुलिस में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी सिटी को मामले की जांच सौंपी गई। जांच में पांचों पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। 

जानकारी के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पूर्व इंदिरापुरम के नीतिखंड चौकी क्षेत्र में दोपहर दो बजे से पांच बजे के बीच चौकी पर तैनात सिपाही चेकिंग कर रहे थे। 
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इस दौरान एक कार में सवार युवक-युवती को पुलिस ने पकड़ लिया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ अभद्रता की। इसके बाद उनसे वसूली भी की। 
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इससे आहत पीड़ित ने ट्वीट पर डीजीपी समेत पुलिस के आलाधिकारियों से मामले की शिकायत की। एसएसपी ने पूरे मामले की जांच एसपी सिटी श्लोक कुमार को सौंपी। 

एसपी सिटी श्लोक कुमार ने बताया कि जांच में वसूली और अभद्रता के आरोप सही पाए जाने पर हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, केशव राम, कांस्टेबल अमित कुमार, सोमेश और अमित मिश्रा को सस्पेंड कर दिया है। 

नीतिखंड चौकी का विवादों से रहा है पुराना नाता
नीतिखंड चौकी का विवादों से पुराना नाता रहा है। करीब दो वर्ष पूर्व यहां पर तैनात तीन पुलिसकर्मियों ने नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करने वाले कुछ युवकों को चौकी पर लाया था। छोड़ने के एवज में उनसे रुपये की मांग की थी। पीड़ितों ने पुलिस के आलाधिकारियों से शिकायत की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर तीनों पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिया गए थे। 

दो दिन पूर्व दो दरोगा और एक सिपाही पर हुई थी कार्रवाई
मुरादनगर थाना क्षेत्र में बिल्डर को शराब तस्कर बनाकर जेल भेजने वाले दो दरोगा विपिन कुमार और दीपक कुमार व सिपाही  को सस्पेंड किया गया है। इसमे आईजी मेरठ जोन ने एसपी ग्रामीण नीरज कुमार जादौन को दो दिन में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। जांच में सभी आरोप सही पाए गए थे।
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