छोटे बच्चों की ऑनलाइन क्लासेज तत्काल बंद कराने को गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने डीआईओएस को ज्ञापन भेजा है। एसोसिएशन ने डीआईओएस को बताया कि वैशाली स्थित सनवैली स्कूल में मंगलवार से फर्स्ट क्लास के बच्चों का ऑनलाइन क्लास शरू करने का मैसेज भेजा है। जिससे अभिभावक चिंतित हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि पूर्व में भी उन लोगों ने ऑनलाइन क्लास बंद कराने की अपील की थी, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई दिशा निर्देश जारी नहीं हो सका है। पेरेंट्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जगदीश बिष्ट ने फोन पर पूरे मामले की जानकारी डीआईओएस को दी है।
अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों की आंखों की मांसपेशियां बहुत कमजोर होती है जिससे कि बच्चों की आईसाइट पर इसका विपरीत असर पड़ने की बहुत ज्यादा आशंका रहती है साथ ही बच्चों द्वारा कमर दर्द, सरदर्द, आंखों में दर्द और नेट कनेक्टिविटी की शिकायत लगातार की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर सनवैली स्कूल की प्रिंसिपल प्रीति गोयल का कहना है कि अभिभावकों को गलतफहमी हुई है। हम कोई ऑनलाइन क्लास शुरू नहीं कर रहे। दरअसल बहुत से अभिभावकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि बच्चे उनका कहना नहीं मान रहे।
स्कूल से वाट्सएप और मेल के जरिए बच्चों को काम दिया जा रहा है लेकन बच्चे इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। ऐसे में स्कूल प्रबंधन ने फैसला लिया कि दो-चार दिन सभी क्लास की शिक्षिकाएं 15 से 20 मिनट ऑनलाइन रहकर बच्चों से बात करेंगी और उन्हें घर पर पढ़ाई के लिए प्रेरित करेंगी।
स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि यह महज एक इंट्रोडक्शन है, इसके अलावा कुछ नहीं। प्रिंसिपल ने बताया कि एक सप्ताह में वैसे भी समर वैकेशन शुरू हो जाएंगे, ऐसे में ऑनलाइन क्लास का कोई मतलब नहीं बनता।