कवि सम्मेलन में गीतकार संतोष आनंद...
- फोटो : अमर उजाला
देश के अमर शहीदों की स्मृति में अमर उजाला के अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत शनिवार शाम नामचीन कवियों की महफिल सजी। जीटी रोड स्थित ऑप्यूलेंट मॉल में आयोजित इस महफिल में देर रात तक श्रोता नए, पुराने गीतों का आनंद लेते रहे।
कवि सम्मेलन में जैसे ही गीतऋषि संतोष आनंद ने ...एक प्यार का नगमा है, मौजों की रवानी है, जिंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है... गीत गाया, श्रोता अपनी कुर्सियों से उठकर खड़े हो गए। व्हीलचेयर पर बैठे संतोष आनंद भी लोगों का प्यार देखकर कवियों के सहारे खड़े हो गए। इसके बाद सभी ने झूमकर गीत गुनगुनाया।
अमर उजाला मां तुझे सलाम शृंखला के तहत आयोजित कवि सम्मेलन में जब संतोष आगमन हुआ तब भी सभी ने खड़े होकर जिंदगी की न टूटे लड़ी गीत की धुन पर उनका स्वागत किया। पुलिस कमिश्नर जे रविंदर गौड़ समेत सारे अतिथि भी उनके सम्मान में खड़े हो गए। सम्मेलन में उन्होंने मेरी जान तिरंगा है... और दिल दीवानों का डोला कश्मीर के लिए... गीत गाकर लोगों में देशभक्ति का जोश भर दिया।
मंच पर करीब आधे घंटे तक उन्होंने गीत और कविताएं पढ़ीं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद मैं 87 साल का जवान हूं। मैं कभी थकावट नहीं महसूस करता हूं। एक एक सांस हिंदुस्तान के लिए है। देश के लिए शहीद होने वालों का कर्जा चुकाना है। जब तक सांस है तब तक उनके शौर्य की गाथा अपने गीतों और कविताओं में लिखता रहूंगा।
मंच तक पहुंचे लोग, ली सेल्फी, गीतों पर हुए भावुक
अमर गीत लिखने वाले संतोष आनंद को देखने और सुनने के लिए शहर के काफी संख्या में लोग पहुंचे थे। उन्होंने जब अपने कालजयी गीतों को गाया तो उनके साथ श्रोता भी गाने लगे। इस पर संतोष आनंद के साथ ही श्रोता भी भावुक हो गए। श्रोता मंच तक आ गए। गीत संगीत प्रेमियों ने उनके पांव छूकर सेल्फी ली। अपने बीच ऐसी महान हस्ती को इतना करीब देख कई श्रोताओं के आंसू तक निकल आए। वहीं कुछ लोग ढोल नगाड़े के साथ पहुंच गए और उनके गीतों पर नगाड़े बजाकर उनका स्वागत किया। जब तक वह मंच पर थे तब तक तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गूंजता रहा।
हरिओम योगा सेंटर के बच्चों ने किया योग प्रदर्शन
मंच पर हरिओम योग सेंटर के बच्चों ने विभिन्न योग मुद्राओं का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचति कर दिया। योग प्रदर्शन के साथ ही योग नृत्य भी कलाकारों ने किया।