कालकाजी मंदिर में शुक्रवार रात दर्शन के लिए आए कुछ युवकों ने प्रसाद के रूप में चुनरी नहीं देने पर सेवादार योगेंद्र सिंह (35) की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात मंदिर परिसर में बनी धर्मधाला के नजदीक हुई। मंदिर में मौजूद सेवादार और दर्शन के लिए आए लोग योगेंद्र को बचाने का साहस नहीं जुटा सके और मूकदर्शक बने रहे। पुलिस ने आरोपी दक्षिणपुरी निवासी अतुल पांडेय (30), तुगलकाबाद निवासी मोहन उर्फ भूरा (19) और कुलदीप बिधूड़ी (20) को गिरफ्तार किया है। इनके अन्य साथियों की तलाश जारी है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि मूलरूप से फत्तेपुर हरदोई, यूपी का रहने वाला योगेंद्र पिछले 15 वर्षों से कालकाजी मंदिर परिसर में मुकेश पंडित के पास सेवादारी कर रहा था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो बड़े भाई कौशल सिंह, राज किशोर सिंह, पत्नी दया एक बेटा और बेटी हैं। योगेंद्र का परिवार गांव में रहता है। योगेंद्र अपने भाइयों के साथ कालकाजी मंदिर परिसर में सेवादार की नौकरी करता था।
उपायुक्त ने बताया कि शुक्रवार रात 9.30 बजे कालकाजी मंदिर में झगड़े की सूचना मिली थी। खबर मिलते ही टीम वहां पहुंची तो लोगों ने एक आरोपी को पकड़ा हुआ था। पीसीआर घायल योगेंद्र को लेकर एम्स ट्रामा सेंटर पहुंची, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। आरोपी अतुल पांडेय से पूछताछ हुई तो हत्या की वजह पता चली। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल डंडे और लाठी बरामद कर ली है।
सप्ताह के आखिरी तीन दिन रहती है मंदिर में भीड़...
शुक्रवार, शनिवार और रविवार को कालकाजी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रहती है। इसके लिए 50 से ज्यादा सेवादार तैनात रहते हैं जो व्यवस्था को ध्यान रखने के अलावा सुरक्षा पर भी नजर रखते हैं। शुक्रवार रात हुई हत्या के बाद मंदिर की आंतरिक सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। फुटेज में दिख रहा है कि आरोपी उसे जान से मारने की नियत से हमला कर रहे हैं। योगेंद्र के अचेत होने के बाद भी वह उस पर हमला करते दिख रहे हैं। हमले के समय कई लोग वहां से गुजरते हुए दिख रहे हैं, लेकिन कोई उसे बचाने के लिए आगे नहीं आया। मंदिर कमेटी की ओर से कहा गया कि सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भविष्य में ऐसी वारदात दोबारा न हों।
योगेद्र की हत्या के बाद किसी ने नहीं ली परिवार की सुध...
योगेंद्र की हत्या के समय उसके बड़े भाई जगन्नाथपुरी दर्शन के लिए गए हुए थे। उन्हें हत्या की देर रात सूचना मिली तो वह हवाई जहाज से दिल्ली पहुंचे जबकि दूसरे भाई राजकिशोर गांव में थे। ये भी हरदोई से दिल्ली आ गए हैं। परिवार का आरोप है कि योगेंद्र की हत्या के बाद उनके परिवार से मिलने कोई नहीं पहुंचा। परिजन शव लेकर पैतृक निवास हरदोई चले गए।
कालकाजी मंदिर के सेवादार की हत्या पर भड़के केजरीवाल
कालकाजी मंदिर के अंदर शुक्रवार देर रात सेवादार की हत्या का वीडियो वायरल होने के बाद आप नेताओं ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताते हुए कहा कि अब मंदिरों में भी हत्या होने लगी है। छह-सात महीने में ही भाजपा की चार इंजन की सरकारों ने दिल्ली का क्या हाल कर दिया है? हर तरफ आतंक है और लोग डर के साए में जी रहे हैं। क्या दिल्ली में कोई सुरक्षित है भी या नहीं?
उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर वारदात का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि कालकाजी मंदिर के अंदर सेवादार की निर्मम हत्या करने से पहले क्या बदमाशों के हाथ नहीं कांपे? यह कानून व्यवस्था की पूरी तरह विफलता है। दिल्ली प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज ने भी पुलिस को कटघरे में खड़ा किया। पुलिस बस राजनैतिक कार्यों में व्यस्त है और आम जनता को परेशान करने में लगी रहती है। चोर, गुंडे और गैंगस्टर पुलिस से नहीं डरते। अपराधियों को लगता है कि पैसे से सब मैनेज हो जाएगा। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने इस वारदात को जंगलराज की निशानी बताया।