पावर कारपोरेशन अब प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली देगा। लोगों को पहले अपना अकाउंट रिचार्ज कराना होगा। इसके बाद बिजली खर्च कर सकेंगे।
प्रथम चरण में पावर कारपोरेशन सरकारी कालोनियों, झुग्गी बस्तियों और खोखो में मीटर लगाएगा। मीटर की कीमत बिजली बिल में हर महीने किश्तों में वसूली जाएगी। आरडीसी में प्रीपेड मीटर का स्टोर बनाया जाएगा।
गाजियाबाद में एक हजार से ज्यादा प्रीपेड मीटर पावर कारपोरेशन को मिल चुके हैं। जल्द ही इन्हें लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पावर कारपोरेशन अधिकारियों के मुताबिक इस मीटर की कीमत साढ़े तीन से सात हजार के बीच होगी। अलग-अलग क्षमता के मीटर की कीमत भी अलग होगी।
प्रीपेड मीटर आने के बाद अब झुग्गी बस्तियों में और खोखा-गुमटियों के लिए भी आसानी से बिजली कनेक्शन मिल सकेंगे।
सरकारी कालोनियों में बिजली मीटर बदलकर प्रीपेड लगाए जाएंगे ताकि ट्रांसफर होने के बाद अफसरों से बिल वसूली की दिक्कत खत्म हो सके।
पावर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने बताया कि इनके अलावा कोई भी उपभोक्ता प्रीपेड मीटर लगवा सकेगा। इस मीटर के लिए उपभोक्ताओं को आवेदन करना होगा।
पावर कारपोरेशन अफसरों का मानना है कि प्रीपेड मीटर लग जाने से न केवल बिजली चोरी रुकेगी, वसूली भी सुधरेगी।