दादरी में हुई विजय पंडित की हत्या चुनावी रंजिश की वजह से हुई या फिर इसका कोई और कारण रहा, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन फिलहाल यह हत्याकांड राजनैतिक रंग ले गया है।
इस हत्याकांड को लेकर भाजपा और सपा आमने-सामने आ गई हैं। अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे भाजपा सांसद डॉ. महेश शर्मा ने इस घटना की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
शर्मा ने कहा है कि जिले और प्रदेश में कानून व्यवस्था का बुरा हाल है। दिन दहाड़े बदमाश गोली चला देते हैं और हत्या तथा लूटपाट कर लेते हैं। भाजपा सांसद ने कहा कि वह इस कांड को लोकसभा में उठाएंगे।
लखनऊ और दिल्ली तक सुनाई दी गूंज
इस मामले की गूंज रविवार को लखनऊ और दिल्ली तक सुनाई दी। विजय पंडित हत्याकांड से न केवल गौतमबुद्ध नगर जिला हिलता रहा, बल्कि दिल्ली और लखनऊ तक यह मामला पहुंच गया है।
रविवार को लखनऊ में इस बारे में प्रधान सचिव (गृह) को बोलना पड़ा और उन्होंने कहा कि हत्यारों को जल्दी ही पकड़ लिया जाएगा।
वहीं दिल्ली में भाजपा के वरिष्ठ नेता मुख्तार अव्वास नकवी ने इस घटना को लेकर यूपी में कानून व्यवस्था की निंदा की। भाजपा ही नहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने भी दिल्ली में इस घटना की निंदा की।
'नरेंद्र भाटी ने कराई है हत्या'
विजय पंडित की पत्नी और नगर पालिका दादरी की अध्यक्ष गीता पंडित ने साफ तौर पर अपने पति की हत्या का कारण चुनावी रंजिश बताया है।
गीता पंडित ने रविवार को कहा सपा प्रत्याशी नरेंद्र भाटी, विक्रम और हिस्ट्रीसीटर अनिल दुजाना ने चुनाव के दौरान उनके पति को भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार न करने की धमकी दी थी।
इन लोगों ने जल्दी ही इसका खामियाजा भुगतने की भी चेतावनी दे दी थी। गौरतलब है कि अनिल दुजाना इस समय जेल में है।
'ओछी राजनीति कर रही है भाजपा'
मृतक भाजपा नेता विजय पंडित की पत्नी द्वारा लगाए गए आरोपों को सपा नेता नरेंद्र भाटी ने निराधार बताया है। सपा के जिलाध्यक्ष फकीर चंद नागर ने भी कहा है कि यह एक ओछी राजनीति है।
नरेंद्र भाटी ने फोन पर बताया कि उन्होंने आज तक विजय पंडित को फोन नहीं किया। उनके फोन की कॉल डिटेल निकालकर पता लगाया जा सकता है। भाटी ने कहा कि उन्हें भी विजय पंडित की हत्या का दुख है और हत्यारों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उधर सपा की बैठक में भाजपा नेता विजय पंडित की हत्या पर दुख प्रकट किया गया। साथ ही इस बात पर रोष प्रकट किया कि भाजपा के कुछ नेता इस हत्याकांड पर ओछी राजनीति कर रहे हैं।