पूरी दिल्ली बेशक खुद पर असर डालने वाले मसलों पर वोट किया। लेकिन राजधानी के एक तबके का बटन एक बार फिर नाउम्मीदी में ही दबा। किसी भी पार्टी के पास इनके लिए कोई ठोस योजना नहीं है। अपना फर्ज निभाने के लिए यह तबका पोलिंग बूथ तक पहुंचा। बावजूद इसके कि चुनावी महायज्ञ में कोई नेता इनके पास वोट मांगने भी नहीं आया।
बात जीबी रोड की हो रही है। जहां बड़ी तादाद में देश भर की सेक्स वर्कर रहती हैं। दिल्ली के दूसरे इलाकों की तरह यहां के लोगों ने भी पूरे उत्साह से मतदान किया। जीबी रोड के निवासियों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं है। बड़ी दिक्कत उम्र की आखिरी दहलीज पर पहुंची सेक्स वर्कर्स के साथ है। जिनका गुजारा भी बमुश्किल हो पाता है।
सेक्स वर्कर्स के बीच काम करने वाली भारतीय पतिता उद्धार सभा की उपाध्यक्ष मुन्नी का कहना है कि सालों से वह यहां रह रही हैं। वोट भी कई बार किया है। फिर भी, समाज हमें गंदी नजर से देखता है। देश की सियासत भी हमें तवज्जो नहीं देती। अखबारों से मिलने वाली सूचनाओं से हम अपना मन बनाते हैं।