यूपीएससी 2016 की मुख्य परीक्षा में बुलंदशहर के गांव खानपुर के रहने वाले किसान के बेटे गौरव सिंघल ने 31वीं रैंक प्राप्त कर आईएएस बनकर जिले का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि गौरव ने हिंदी मीडियम की परीक्षा में पहला स्थान पाया है।
उसकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है, वहीं बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। गौरव सिंघल ने पिछले वर्ष यूपीएससी 2016 की मुख्य परीक्षा में 565वां स्थान प्राप्त किया था।
उस समय उसका चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में हुआ था और वह अब पुणे में ट्रेनिंग कर रहा है। इससे पहले उसने चार बार पीसीएस की परीक्षा पास की। 2013 में उसका चयन एआर कोआपरेटिव और 2012 में राजस्थान में बीडीओ के पद पर हुआ।
कक्षा दस में मैथ में मिले थे 100 अंक
गौरव सिंघल
2014 में उप्र पीसीएस की परीक्षा पास की और असिस्टेंट कमिश्नर वाणिज्य विभाग में चयन हुआ। कक्षा दस में 73.83 प्रतिशत और मैथ में 100 अंक लेने पर लखनऊ में सम्मानित किया गया था।
इंटर में 77.6 और बीएससी में 80.96 फीसदी अंक हासिल किए। एमएससी की पढ़ाई के दौरान उसका चयन न्यूक्लियर पावर कारपोरेशन इंडिया लिमिटेड रावत भाटा राजस्थान में सहायक वैज्ञानिक के पद पर हुआ और वहां नौ साल तक अपनी सेवा दी।
परिजनों का कहना है कि गौरव का सपना आईएएस बनना था जो अब पूरा हो गया। गौरव का परिवार इस समय डीएम रोड पर रह रहा है। उसका कहना है कि लक्ष्य निर्धारण कर साधना से निश्चित सफलता मिलती है।
माता-पिता की प्रेरणा से लक्ष्य प्राप्त हुआ
- फोटो : pti
मां सरस्वती की अनुकंपा, माता-पिता की प्रेरणा से लक्ष्य प्राप्त हुआ है। अध्ययन के समय मेरे साथ मेरी मां अंजना सिंघल जाग कर सहयोग देती थी। पिता सुनील कुमार सिंघल कृषि देखने के साथ सदैव प्रेरणा देते थे।
बड़े भाई सौरभ सिंघल छत्तीसगढ़ में सहायक डाक अधीक्षक हैं। बहन चित्रा सिंघल अध्यापिका हैं। मां अंजना और पिता सुनील ने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही शांत स्वभाव का रहा और उसका सपना आईएएस बनना था।