वारदात-1: भाऊ के नाम पर मांगी रंगदारी
फायरिंग कर रंगदारी मांगने की पहली वारदात शुक्रवार देर शाम साढ़े सात बजे के करीब नारायणा में हुई। यहां तीन बदमाशों ने गोस्वामी-गिरधारीलाल मार्ग पर स्थित कार स्ट्रीट शोरूम पर 20 से 25 गोलियां चलाईं। फायरिंग कर बदमाश बाइक से फरार हो गए। बदमाशों ने पर्ची फेंक कर हिमांशु उर्फ भाऊ के नाम पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी है। वारदात के आरोपी भाऊ के शूटरों का शनिवार शाम तक कुछ पता नहीं लगा था।
वारदात-2: दीपक बॉक्सर के नाम पर मांगी रंगदारी
ताबड़तोड़ फायरिंग कर रंगदारी मांगने की दूसरी वारदात रात 9.32 बजे नांगलोई-सुल्तानपुर रोड पर हुई। यहां मोटरसाइकिल से आए दो बदमाशों ने रोशन हलवाई की दुकान पर फायरिंग की। बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त ने बताया कि रात को पीसीआर कॉल मिली थी कि दो लड़के मोटरसाइकिल से आए और दुकान पर तीन से चार गोलियां चलाईं। गोली लगने से दुकान का शीशा टूट गया। पुलिस को मौके से तीन खोल व दो कारतूस मिले हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यहां पर जितेंदर गोगी गिरोह को चला रहे दीपक बॉक्सर के नाम पर पांच करोड़ की रंगदारी मांगी गई। रोहिणी कोर्ट में जितेंदर गोगी की हत्या के बाद गिरोह की कमान दिनेश कराला के साथ दीपक बॉक्सर ने संभाल रखी है। दीपक बॉक्सर इस समय तिहाड़ में बंद है।
वारदात-3: गोल्डी बरार-लॉरेंस ने मांगी थी रंगदारी
तीसरी वारदात महिपालपुर में रात 2.40 बजे हुई। यहां बाइक से आए बदमाशों ने दूर से होटल इम्प्रेस पर पांच से छह गोलियां चलाईं। गोलियां से होटल का पहला शीशे का गेट टूटकर गिर गया, जबकि दूसरा गेट चटक गया। बताया जा रहा है कि ये होटल ट्रांसपोर्टर भरत सहरावत का है। करीब एक वर्ष पहले गोल्डी बरार-लॉरेंस ने पांच करोड़ की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने भरत सहरावत को सुरक्षा मुहैया दी थी। पुलिस को मौके से चार से पांच खोल मिले हैं।
शुरुआती जांच में ये बात सामने आ रही है कि बदमाशों ने दूर से फायरिंग की है। इस कारण वह होटल के सीसीटीवी कैमरों में कैद नहीं हुए। यहां पर गोल्डी बरार के नाम पर पर्ची फेंकी गई है। होटल में रुके एक व्यक्ति ने बताया कि उसे ऐसा लगा कि पटाखे जल रहे हैं। उसने फायरिंग करते हुए किसी को नहीं देखा। साउथ-वेस्ट जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि वसंत कुंज, साउथ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस वारदात में शुक्रवार शाम तक बदमाशों का सुराग हाथ नहीं लगा था।
गैंगस्टर्स
1. नीरज फरीदपुरिया अमेरिका में है। फरीदाबाद, पलवल के इलाकों को संचालित करता है।
2. कौशल चौधरी जेल में बंद है। कौशल भाऊ के तौर पर गुरुग्राम को संचालित करता है।
3. नवीन बाली और नीरज बबानिया दोनों जेल में बंद हैं। दिल्ली-एनसीआर को संचालित करते हैं।
4. हिमांशु भाऊ और साहिल दोनों अमेरिका में हैं। दोनों के गुर्गे रोहतक, झज्जर, सोनीपत में सक्रिय हैं।
5. काला खेरमपुरम एसटीएफ की कैद में हैं। इसके गैंग के गुर्गे हिमांशु एलाइंस के लिए हिसार, हांसी, सिरसा, राजस्थान बॉर्डर तक संचालित करते हैं।
6. भुप्पी राणा जेल में बंद है। राणा का गैंग अंबाला, चंडीगढ़, मोहाली और पंजाब में सक्रिय है।
7. लॉरेंस-गोल्डी बरार लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। गोल्डी बरामद कनाडा में है। इनका गिरोह दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान व पंजाब में सक्रिय है।
8. काला जठेड़ी काला जठेड़ी इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। इसका इलाका हरियाणा है। हरियाणा में रंगदारी मांगने पर ये लॉरेंस-बरार आपराधिक कुनबे से अलग हो गया है।
9. रोहित गोदारा जेल में बंद है। इसका इलाका पूरा राजस्थान है। ये लॉरेंस-बरार सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है।