फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑपरेशन डी-24: गैंगस्टर काला जठेड़ी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बनाई ये योजना, चुपचाप लॉरेंस तक पहुंचवाया मोबाइल

Sun, 01 Aug 2021 05:00 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

-तिहाड़ जेल में बंद बिश्नोई को पुलिस ने चुपचाप पहुंचवाया मोबाइल, उस पर नजर रखने से पुलिस पहुंची काला तक
-बिश्नोई ने अपने गुर्गों के जरिये काला से की बातचीत, इसके बाद पुलिस की टीम आरोपी का पीछा करते हुए पहुंची
विज्ञापन
काला जठेड़ी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काला जठेड़ी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने बेहद सूझबूझ से काम लिया और शुक्रवार को उसे सहारनपुर सरसावा के पास एक ढाबे से गिरफ्तार कर लिया। पहली नजर में पुलिस उसे पहचान ही नहीं पाई। वारदात के समय आरोपी अनुराधा के साथ क्रेटा कार में मौजूद था।

विज्ञापन


पुलिस सूत्रों के मुताबिक काला तक पहुंचने के लिए टीम ने जेल बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को चारा बनाया। ऑपरेशन के तहत जेल में लॉरेंस के पास मोबाइल पहुंचवाया गया। इसके बाद एक माह तक सीडीआर पर नजर रखने के बाद पुलिस की टीम आखिर काला तक पहुंच ही गई। अब उससे पूछताछ कर मामले की जांच की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि काला जठेड़ी तक पहुंचने के लिए पूरी योजना तैयार की गई। एक एसीपी और दो इंस्पेक्टर समेत करीब 30 टीमों का गठन किया गया। पूरे ऑपरेशन का कोडवर्ड 'ऑपेरशन-डी-24' दिया गया।
विज्ञापन


टीम ने करीब 10 राज्यों में 20 हजार किलोमीटर से ज्यादा का सफर किया। आरोपी बार-बार पुलिस के पहुंचने से 24 घंटे पहले ही निकल जाता था। पुलिस ने काला तक पहुंचने की योजना बनाई। सागर धंनकड़ हत्याकांड में सुशील का नाम सामने आया तो उसमें काला नाम भी खूब उछला।

पुलिस ने मकोका में बंद काला के करीबी लॉरेंस की जेल से रिमांड लेकर उससे पूछताछ की। लेकिन पुलिस कामयाबी नहीं ली। पुलिस ने अपने मुखबिरों के जरिये जेल में बिश्नोई के पास मोबाइल फोन भिजवा दिया।

विज्ञापन

सब कुछ प्लान के तहत हुआ। लॉरेंस ने फोन मिलते ही अपने गुर्गों से संपर्क करना शुरू कर दिया। फोन पूरी तरह पुलिस की निगरानी में था। सूत्रों का कहना है कि अपने गुर्गों के जरिये बिश्नोई ने काला से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस को उसकी लोकेशन मिल गई।

एक टीम के शुक्रवार को सहारानपुर भेजा गया। वहां से काला को गिरफ्तार कर लिया गया। काला ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह पुलिस से बचने के लिए इंटरनेट कॉलिंग व फेसबुक कॉलिंग ही करता था। लेकिन बिश्नोई की वजह से वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगाने की रची थी साजिश...
पुलिस की मुठभेड़ में मारा गए बदमाश कुलदीप मान उर्फ फज्जा को भगाने की साजिश भी काला जठेड़ी ने रची थी। जीटीबी अस्पताल से बदमाश उसे भगा ले गए थे। लेकिन तीन ही दिन बाद पुलिस ने रोहिणी में मुठभेड़ के बाद फज्जा को ढेर कर दिया था। पुलिस के मुताबिक 2012 में काला को जब गिरफ्तार किया गया था तब 34 मामलों में उसकी तलाश थी।

अब दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ समेत कई राज्यों में 25 से अधिक मामलों में पुलिस को उसकी तलाश थी। फिलहाल काला की गिरफ्तारी पर छह लाख रुपये का इनाम घोषित था। भारत में काला का फिलहाल लॉरेलस बिश्नोई, सूबे गुर्जर, काला राणा के साथ मिलकर गैंग चला रहा था। दाढ़ी बढ़ाने और सरदार का हूलिया बनाकर काला अनुराधा के साथ मिलकर पति-पत्नी की तरह रह रहा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें