विजयनगर में गैंगरेप का शिकार होने से बची 10वीं की छात्रा ने बृहस्पतिवार सुबह केरोसिन छिड़ककर खुद आग लगा ली। 90 प्रतिशत जली हालत में उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बीती 27 मार्च को सीबीआई कर्मी के नाबालिग बेटे ने दोस्तों के साथ इसी छात्रा को कार में अगवा कर एक मकान में गैंगरेप की कोशिश की थी। विरोध करने पर आरोपी छात्रा को लाल कुआं के पास बेहोशी की हालत में फेंककर भाग निकले थे।
चर्चा है कि आरोपी पक्ष समझौते का दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। देर शाम तक छात्रा की हालत गंभीर बनी हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शी पड़ोसियों ने बताया कि आग लगाने के बाद छात्रा शोर मचाते हुए कमरे से बाहर भागी। उस वक्त छात्रा की मां बाथरूम में थी और पिता ड्यूटी गए थे। बेटी की चीख सुनकर मां भी बचाने दौड़ी।
इसके बाद पड़ोसियों ने आग बुझाकर छात्रा को अस्पताल पहुंचाया। सीएमएस डॉ. अनिल प्रकाश ने बताया कि छात्रा 90 प्रतिशत झुलस गई है। उसे बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग दिल्ली रेफर किया गया है।
एसओ विजयनगर हरिदयाल यादव ने बताया कि आरोपी नाबालिग किशोर को पुलिस गिरफ्तार करके मेरठ के बाल सुधार गृह भेज चुकी है।
छात्रा के परिजनों ने फिलहाल कोई शिकायत नहीं दी है। शुरुआती जांच से पता चला है कि छात्रा तनाव में थी और इसके चलते उसने यह कदम उठाया है।