गुड़गांव में पिछले साल दस मई को पटौदी थाना पुलिस ने दो नाबालिगों के साथ हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था।
इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है। मंगलवार को अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल की कैद सुनाई है। साथ ही सभी के खिलाफ 20-20 हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है।
गौरतलब है कि पिछले साल दस मई को पटौदी थाना पुलिस में दर्ज हुए मामले में सामने आया कि फोटो स्टूडियो में काम करने वाले आरोपी बलवंत उर्फ रेनू ने नाबालिग छात्रा को डरा-धमका अश्लील फोटो खींच लिया।
इसके बाद अगले दिन कपड़े और किताब दिलाने के बहाने उसे और उसकी साथी नाबालिग दोस्त को लेकर रेवाड़ी गया। वहां नशीला पदार्थ पिलाकर अपने दो दोस्तों के साथ होटल में सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसमें अन्य युवकों की पहचान संदीप उर्फ बिट्टू और भूपेंद्र उर्फ मिंटू के रूप में हुई थी।
मंगलवार को कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा सुनाने के अलावा जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने की एवज में सजा की अवधि एक साल अधिक बढ़ाने का आदेश सुनाया।