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जेल में गैंगवार, धारदार हथियारों से कैदी की हत्या

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हरियाणा की मॉर्डन भोंडसी जेल में मंगलवार को कैदियों के दो गुटों में खूनी रंजिश ने पूरी जेल को दहला दिया। सुबह के वक्त सो रहे तीन विचाराधीन कैदियों (हवालाती) पर बादली गैंग ने तेज धारदार हथियारों से हमला बोला गया।
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हमले में एक की मौत हो गई जबकि दो की हालत गंभीर बनी हुई है। जांच में हमले की वजह उनकी रंजिश के तहत हत्या करना सामने आया है। इस घटना के बाद जेल प्रबंधन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिसमें पुलिस के आला अधिकारियों की निगरानी में जांच पड़ताल की जा रही है।

भोंडसी जेल में कड़े सुरक्षा घेरे के बीच सुबह सवा सात बजे फेज दो के बैरक नंबर दो (2) में हत्या के आरोप में बंद विचाराधीन कैदी मोन, कुशलपाल और मुकेश सो रहे थे। उसी दौरान बैरक नंबर एक से बादली गैंग के 20-22 कैदियों ने हथियारों के साथ उन पर हमला बोल दिया।
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हमलवार कैदियों ने तीनों के शरीर पर डंडों व चाकूओं से कई-कई वार किए गए थे। जिसमें मोनू के गले पर कई चोट आई जिसके बाद वह अचेत हो गया।

साजिश के तहत की गई हत्या?

कैदियों ने दोनों हवालातियों के सिर पर कई बार वार किए। जेल में कातिलाना हमले के बाद जेल प्रबंधन सर्तक हो गया और पूरी जेल की सुरक्षा बढ़ा दी। जेल के बैरक नंबर दो में जेल के आला अधिकारियों के साथ सुरक्षाकर्मियों ने पहुंचते हुए हमलवारों को काबू किया।

जेल में हुई खूनी रंजिश की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंच गए। तीनों को सिविल अस्पताल लाया गया जहां मोनू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि, कुशलपाल और मुकेश को गंभीर हालत में निजी अस्पताल में रेफर किया गया।

घटना के बाद सिविल अस्पताल के बाहर भी पुलिस ने सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया। हवालातियों के रिश्तेदार प्रदीप ने आरोप लगाया है कि साजिश के तहत हत्या की योजना को अंजाम दिया गया है। जिसमें जोगेंद्र हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद हवालातियों की बादली गैंग से हत्या कराई गई है।

परिजनों ने यह भी आरोप लगाय कि पुलिस की मौजूदगी में पूरी योजना बनाई गई है जिसमें जेल प्रबंधन को लाखों रुपये दिए गए है। उन्होंने हमले के बाद पुलिस की कार्रवाई में हुई देरी पर भी सवाल खड़े किए है।

देर शाम भोंडसी थाना पुलिस ने बादली गैंग के सरगना मेनपाल समेत दस से ज्यादा कैदियों के खिलाफ आईपीसी 302/323/324/148/149/120बी के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसीपी क्राइम राजेश कुमार के अनुसार आरोपी कैदियों को जल्द ही प्रोडक्शन रिमांड पर लिया जाएगा। इसके अलावा जेल में हुई घटना की भी जांच की जा रही है।
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पारिवारिक रंजिश पर भी नजर

पुलिस जांच में सामने आया है कि बेगमपुर खटौला गांव में कुशलपाल के पिता सेवानिवृत सूबेदार रतिराम की वर्ष 2006 में जोगेंद्र और उसके  परिवार के लोगों ने विवाद को लेकर हत्या कर दी थी। लेकिन इसके बाद 2013 में जोगेंद्र की हत्या हो गई थी।

जिसमें कुशलपाल और उसके भाई मोनू समेत कई लोगों पर सीधा आरोप लगाया था। पुलिस के मुताबिक तभी से दोनों परिवारों के बीच रंजिश चल रही थी। कुशलपाल को जेल भिजवाने के बाद जोंगेंद्र के परिवार पर हत्या की सुपारी देने का भी मामला सामने आया है। फिलहाल पुलिस इस कोण से जांच में जुटी हुई है।

सवालों के घेरे में जेल
-जेल में फेज दो से फेज एक के बीच 500 मीटर की दूरी में भारी सुरक्षा तैनात रहती है। सुरक्षा घेरे को तोड़कर इतनी संख्या में कैदी बैरक नंबर एक तक पहुंचे कैसे?
-घायल हवालाती कुशलपाल ने कुछ दिनों पहले जेल प्रबंधन को चिट्ठी लिखकर जान का खतरा होने की बात कही थी। इसके बावजूद उसकी सुरक्षा न बढ़ाना जेल प्रबंधन के ऊपर सवाल खड़ा कर रहा है।

-हमले के दौरान हवालातियों पर तेज धारदार हथियार से हमला किया गया था। आखिर ये हथियार उनतक पहुंचे कैसे?
-वारदात को पूरी योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने की बात सामने आई है। इस रंजिश को अंजाम देने की जेल प्रबंधन का कानोंकान खबर कैसे नहीं?
-2006 में हुई एक हत्या के बाद 2013 की हत्या के बाद हवालाती जेल में बंद थे। इस मामले में पारिवारिक रंजिश की बात भी सामने आई है। तो कही यह उसी को अंजाम तो नहीं दिया गया था?
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