चार माह पहले मंदपुरा गांव में गैंगरेप की घटना का खुलासा न हो पाने पर पीड़ितों ने गांव से पलायन कर दिया। वहीं दो दिन पहले पटौदी क्षेत्र में एंबुलेंस में जा रही मां-बेटी के साथ हुई लूट की घटना ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है।
बता दें कि मंदपुरा गांव के समीप एक फार्म हाउस के पास ही ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी चल रही थी। 28 जनवरी की रात आठ से नौ हथियारों से लैस बदमाश यहां आ धमके थे। बदमाशों ने कर्मचारियों व उनके परिवार को बंधक बना लूटपाट की थी।
तीन घंटे तक हैवानों ने दो महिलाओं के साथ उनके पति के सामने ही सामूहिक दुष्कर्म किया था। एक गर्भवती महिला को भी बदमाशों ने नहीं छोड़ा था। घटना के बाद पुलिस ने पांच बदमाशों के स्केच जारी किए, कई टीम बनाई लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है।
बदमाशों को पकड़े जाने की मांग को लेकर कई गांवों के ग्रामीणों ने दो बार महापंचायत भी की थी। फिलहाल, आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने कहा कि अलग-अलग टीम मामले की जांच कर रही हैं। पुलिस जल्द ही आरोपियों को दबोचेगी। सुरक्षा को देखते हुए घटनास्थल के पास ही पुलिस चौकी खोल दी गई है।