सीमा पार बेचता था मोबाइल
शुरुआती जांच में पता चला है कि बांग्लादेश और नेपाल के नागरिक के जरिए आरोपी चोरी के मोबाइल को सीमा पार में बेचता था। जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि विजय विहार थाना प्रभारी अजय कुमार यादव को सूचना मिली कि चोरी का मोबाइल खरीदने वाला एक आरोपी इलाके में घूम रहा है। सूचना पर पुलिस ने तुरंत एक टीम गठित कर इलाके में घेराबंदी कर दी।
ऐसे पकड़ में आया अनस
पुलिस ने इलाके में घूम रहे एक संदिग्ध को रोका। उसकी पहचान अनस खान के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से 12 मोबाइल फोन मिले। जिसके बारे में पूछताछ करने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह विजय विहार के लाल क्वार्टर इलाके में रहने वाले किसी व्यक्ति से चोरी किए गए मोबाइल फोन लेने आया था। उसने बताया कि वह झपटमारों और चोरों से चोरी का मोबाइल खरीदता है।
करोल बाग के होटल में मिले मोबाइल से भरे दो बैग
पुलिस ने उसके निशानदेही पर 185 और चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए, जिसे उसने करोल बाग के एक होटल के कमरे में दो बैग में रखा हुआ था। उसने बताया कि वह दिल्ली और एनसीआर में अपने परिचितों के जरिए चोरी और झपटे गए मोबाइल फोन को खरीदता था। मोबाइल के लॉक तोड़ने के बाद उसे धंधे से जुड़े लोगों की मदद से कूरियर के जरिए नेपाल और बांग्लादेश के विभिन्न जिलों में भेज देता था। जहां मौजूद उसके परिचित मोबाइल को बेचते थे।
ऐसे बनाए संपर्क
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अनस पहले मोबाइल की दुकान चलता था। जहां वह चोरों और झपटमारों के संपर्क में आया। उसकी दुकान पर बदमाश मोबाइल बेचने आते थे। उसके बाद वह खुद ही अपने संपर्कों के जरिए इनसे मोबाइल खरीदने के बाद उसे बांग्लादेश और नेपाल भेजने लगा। आरोपी ने बताया कि उसके गैंग में बांग्लादेश और नेपाल के नागरिक भी शामिल हैं। जो दिल्ली से मोबाइल लेने के बाद उसे अपने देशों में बेचते हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बरामद 89 मोबाइल फोन दिल्ली व एनसीआर से चुराए व झपटे गए हैं। शेष बरामद मोबाइलों को मामलों से जोड़ने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है।