गांधी जी की उस गिरफ्तारी के विरोध में पूरा पंजाब जल उठा था। जगह-जगह जुलूस, धरने, प्रदर्शन व रैलियां निकालनी शुरू हो गई थी। महात्मा गांधी की उसी गिरफ्तारी को संजोए रखने के लिए तब स्वाधीनता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम की स्थापना करने का निर्णय लिया था। उसके बाद 2 अक्टूबर 1938 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस पलवल आए थे तथा उन्होंने यहां माल गोदाम रोड पर गांधी सेवाश्रम की आधारशिला रखी थी। उस समय यहां के कपड़ा व्यापारियों ने कपड़ों के थान जमीन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्वागत में बिछा दिए थे।
संग्रहालय में लगाए गए हैं दुर्लभ चित्र
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बने हुए गांधी सेवाश्रम में आज भी आजादी के आंदोलन से जुड़े गांधी जी की दुर्लभ चित्र संग्रहालय में लगे हुए हैं। बताया जाता है कि ऐसे दुर्लभ चित्र पूरे देश में कहीं भी नहीं हैं, जो पलवल के गांधी सेवाश्रम में हैं। इनके अलावा पलवल रेलवे स्टेशन पर लगी गांधी जी की फोटो व रोलेट एक्ट के तहत गिरफ्तारी के आदेश लिखे हुए कागजात भी उसी समय के यहां लगाए हुए हैं।
प्रदर्शनी देखने आते हैं स्कूली बच्चे
देवी चरण मंगला, प्रधान गांधी सेवाश्रम, पलवल बताती हैं कि, गांधी सेवाश्रम में आजादी आंदोलन के दौरान के दुर्लभ चित्रों की लगाई हुई प्रदर्शनी को जिले के ही नहीं दूरदराज के स्कूलों के बच्चे देखने आते हैं। स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर यहां ध्वजारोहण करने वाले अतिथि भी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए गांधी सेवाश्रम में जाते हैं। सेवाश्रम की देखरेख गांधी सेवाश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है। हर वर्ष गांधी जयंती पर यहां प्रार्थना सभा व यज्ञ का आयोजन किया जाता है। जिसमें जिले भर से गांधी से प्रभावित लोगों के साथ-साथ अधिकारी भी आते हैं।