फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिसका गमछा आगे, उसका नंबर पहले

Thu, 12 Jun 2014 03:43 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
छुट्टियों के सीजन में ट्रेनों में टिकट को लेकर मारामारी मची है। सामान्य आरक्षण में टिकट नहीं मिल रहे तो अब तत्काल टिकट के लिए भी लोगों को पापड़ बेलने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन


सफर भले ही एसी ट्रेनों में करना हो, लेकिन इससे पहले यात्रियों को आरक्षण कराने में पसीना बहाना पड़ रहा है। हालात यह है कि रिजर्वेशन काउंटर के बाहर लोग 24 घंटे पहले ही डेरा डाल देते हैं।

तपती दुपहरी में लोग जहां घरों से से नहीं निकलना पसंद कर रहे, वहीं ट्रेनों में सीट के लिए उन्हें लू के थपेड़े खाने पड़ रहे हैं।

गर्मी ने तेवर दिखाए तो तत्काल टिकट पाने वालों ने भी ट्रेंड बदल दिया। बृहस्पतिवार को तत्काल टिकट लेने की चाह में बुधवार को दोपहर एक बजे ही लोग रेलवे आरक्षण केंद्र पर पहुंच गए।
विज्ञापन


धूप में खड़े रहने की बजाय लोगों ने आरक्षण केंद्र के बाहर लगे लोहे के एक स्टैंड पर अपना गमछा और रुमाल बांध दिया। जिसका गमछा सबसे आगे बांधा गया तत्काल टिकट की लाइन में वह व्यक्ति ही सबसे आगे लगेगा। गमछे के सीरियल के हिसाब से ही आरक्षण केंद्र पर कतार लगती है।

इन ट्रेनों में नो रूम
गोल्डन टेंपल, पंजाब मेल, पश्चिम एक्सप्रेस, देहरादून, महानंदा, सीमांचल, श्रमजीवी, फरक्का, मगध, अवध आसाम और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस।

दो दिन खड़े होकर मिल रहे टिकट
रिजर्वेशन के लिए सबसे ज्यादा मारामारी मुंबई, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों को जाने वाली ट्रेनों में है। ऐसे में कतार में तीन या चार नंबर तक लगे लोगों को ही टिकट मिल पाते हैं। अधिकांश लोग 20-22 घंटे लाइन में लगने के बाद बैरंग लौट रहे हैं। इनमें से अधिकांश घर जाने की बजाय अगले दिन के लिए लाइन में लग जाते हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें