उपराज्यपाल ने तैयारियों में शामिल सभी एजेंसियों और अधिकारियों के प्रयासों और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने बताया कि तैयारियों को शनिवार शाम तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सक्सेना ने अपील की है कि जी20 शिखर सम्मेलन के लिए दिल्ली में कई स्थायी संपत्तियां बनाई गई हैं, जिसके रखरखाव की जिम्मेदारी शहर के लोगों की है। इसे खराब न करें। हमारा पूरा फोकस शहर की खूबसूरती पर को बढ़ाने पर है।
शिखर सम्मेलन से पहले खर्च किए गए बजट और 'शिवलिंग' आकार के फव्वारे के संबंध में उभरे विवादों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं विवादों में नहीं जाना चाहता। उन्होंने यह भी कहा कि कई कलाकृतियां सीएसआर पहल के तहत दी गई हैं और शहर के सौंदर्यीकरण पर ज्यादा खर्च नहीं किया गया है।
शिवलिंग मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जो इसे 'शिवलिंग' कह रहे हैं, वह मूर्तिकार की कल्पना है। देश के कण-कण में भगवान हैं। अगर उन्हें इसमें भगवान दिखता है तो ठीक है, लेकिन मुझे तो बस एक कलाकृति दिखती है। मैं दूसरों की राय पर टिप्पणी नहीं कर सकता।