मेडिकल कॉलेज नलहड़ में शुक्रवार से जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। हड़ताल करने का मुख्य कारण सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन नहीं मिलना है। जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज निदेशक डॉक्टर यामिनी और कई अन्य अधिकारियों से उन्होंने बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें 45 हजार बेसिक वेतन के अलावा 15 हजार रुपये मेवात भत्ता मिलता है। नलहड़ मेडिकल कालेज में कार्यरत जूनियर डॉक्टर शशिकांत, जगमोहन, डॉ. सुफिया, वैशाली, रेनू, परमीना, प्रिया, शबनम, सुशील, इरफान, कमल, संजीव, राहुल, विनीत का कहना है कि प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को सातवें वेतन आयोग के तहत वेतन मिल रहा है जबकि यह लाभ उन्हें नहीं मिल रहा है।
यहां कई राज्यों से डॉक्टर नौकरी करने आ रहे हैं, लेकिन वेतन कम होने के कारण पिछले 6 माह में करीब कई डॉक्टर यहां से छोड़कर जा चुके हैं। फिलहाल 36 जूनियर डॉक्टर के भरोसे नलहड़ मेडिकल कॉलेज चल रहा है, जबकि यहां 95 जूनियर डॉक्टर के पद स्वीकृत हैं।
सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और जूनियर रेजिेडेंट डॉक्टरों का केस एक साथ विभाग को भेजा गया था, लेकिन सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को अनुमति मिल गई जबकि जूनियर डॉक्टर का मामला हल नहीं हुआ है। मेरी पूरी कोशिश रहेगी की जूनियर डॉक्टर की हड़ताल को समाप्त कराया जाए। उच्चाधिकारियों से बात हुई है जल्द जूनियर डॉक्टरों के वेतन का मामला सुलझा जाएगा।
डॉ. यामिनी, निदेशक मेडिकल कॉलेज नलहड़।