नीरज बवाना और गिरोह के सदस्यों ने नीतू दाबोदा गिरोह के सदस्य पारस व प्रदीप भोला की हत्या बहुत ही सोची समझी साजिश के तहत की है। हत्या इतनी बेरहमी से की गई कि पारस की तो एक आंख बाहर निकाल दी गई।
नीरज व गैंग ने जेल वैन में पारस व प्रदीप से बहुत ही प्यार व दोस्ताना माहौल में बात की थी, ताकि दोनों को कोई संदेह न हो। ये भी कहा जा रहा है कि तिहाड़ प्रशासन इस दोहरे हत्याकांड के लिए सीधे रूप से जिम्मेदार है।
वैन में नीरज गिरोह के सात सदस्य थे, जबकि नीतू दाबोदा के सिर्फ दो। आरोपियों पूछताछ में बताया है कि हत्या का बदला लेने के लिए आरोपियों ने दोनों को मारा।